AI से पहले Data Center का क्या काम था? जानकर चौंक जाएंगे आप


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में अब जब भी डेटा सेंटर का नाम आता है तो सबसे पहले लोगों के दिमाग में ChatGPT, मशीन लर्निंग और बड़े-बड़े सर्वर याद आते हैं. बता दें कि तेजी से बढ़ते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल ने डेटा सेंटरों की जरूरत को भी बढ़ा दिया है. इसके अलावा इन सेंटरों में अब बिजली की भी काफी ज्यादा खपत होती है. लेकिन अब सवाल ये आता है कि एआई से पहले इन डेटा सेंटरों में क्या काम होता था. आइए जानते हैं इसकी पूरी सच्चाई.

AI से पहले क्यों जरूरी थे Data Centers

दरअसल, जानकारी के अनुसार, Data Center सिर्फ एआई डेटा को संभालने के लिए भी नहीं बनाई गई थी. बता दें कि डेटा सेंटर ऐसी जगह होती है जहां पर बड़े कंप्यूटर, सर्वर और स्टोरेज सिस्टम मौजूद रहते हैं. इन डेटा सेंटरों का काम डेटा को सुरक्षित रखना और जरूरत पड़ने पर इन्हें प्रोसेस करना होता है. इसीलिए एआई से पहले भी कई सरकारी डेटा और कंप्यूटर के कई बड़े डेटा को भी इन्हीं डेटा सेंटरों में सुरक्षित रखा जाता था.

वेबसाइट और इंटरनेट का पूरा सिस्टम

आपको बता दें कि जब भी आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, ऑनलाइन वीडियो देखते हैं या किसी ऐप में लॉगिन करते हैं तो आपके डिवाइस और सर्वर के बीच लगातार डेटा का ट्रांसफर होता है. इस पूरे प्रोसेस के पीछे Data Centers का एक बड़ा रोल होता है.

यह भी पढ़ें: Meta में AI पोस्ट कब हटाता है और कब पड़ती है इंसान की जरूरत? हो गया खुलासा

वेबसाइट की फाइलें, यूजर अकाउंट की जानकारी, फोटो, वीडियो जैसे डेटा सर्वरों पर स्टोर किया जाता है. जब यूजर किसी सर्विस का इस्तेमाल करता है तो Data Center उस रिक्वेस्ट को प्रोसेस करके जरूरी जानकारी वापस सेंड करता है.

ईमेल, सोशल मीडिया और क्लाउड स्टोरेज

बताते चलें कि Gmail जैसी ईमेल सर्विसेज, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन स्टोरेज सर्विसेज के लिए भी डेटा सेंटर की जरूरत पड़ती थी. आपकी ईमेल, फोटो, वीडियो और फाइलें कहीं न कहीं सर्वरों पर ही स्टोर होती हैं.

सोशल मीडिया पर हर दिन करोड़ों पोस्ट, फोटो और वीडियो अपलोड होते हैं. इन्हें स्टोर करने और यूजर्स तक पहुंचाने के लिए ही डेटा सेंटर्स की जरुरत होती है.

AI ने बदला डेटा सेंटर्स का काम

लेकिन अब जबसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विस्तार हुआ है तब से डेटा सेंटर्स का काम पूरी तरह से बदल चुका है. एआई ने डेटा सेंटर्स का काम पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ा दिया है. नॉर्मल वेबसाइट या डेटाबेस के मुकाबले AI मॉडल को ट्रेन करने और चलाने के लिए बेहद पावरफुल प्रोसेसर और बड़ी मात्रा में मेमोरी की जरूरत पड़ती है. इसी वजह से आज एडवांस Data Centers में GPU जैसे हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग हार्डवेयर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.

यह भी पढ़ें: Instagram को अपना डेटा AI के लिए इस्तेमाल करने से कैसे रोकें? जानें तरीके



Source link

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top