रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। वैश्य कॉलेज ऑफ एजुकेशन, रोहतक में आज डिकूपाज आर्ट कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज प्रबंधन के मार्गदर्शन में प्राचार्या प्रोफेसर तरुणा मल्होत्रा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। आयोजन का संचालन करियर एंड प्लेसमेंट सेल की संयोजिका प्रोफेसर ज्योति व उनकी टीम डॉ. कमलेश, डॉ. अंजू शर्मा, डॉ. सुदेश और मंजीत के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस कार्यशाला की रिसोर्स पर्सन सोनिया भुटानी (हेड, हॉबी लॉबी क्रिएशन) रहीं, जिन्होंने डिकूपाज आर्ट की तकनीकों, बारीकियों और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को जार पर टिश्यू पेपर के माध्यम से डिकूपाज कला का व्यावहारिक अभ्यास भी करवाया, जिससे विद्यार्थियों ने अपनी सृजनात्मकता का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर राज अरोड़ा ने कहा कि डिकूपाज जैसी कला विद्यार्थियों में रचनात्मकता, धैर्य और सौंदर्यबोध का विकास करती है तथा आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर प्रदान करती है। वहीं, प्राचार्या प्रोफेसर तरुणा मल्होत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और नवाचार की भावना को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए करियर एंड प्लेसमेंट सेल और इनर व्हील क्लब का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस भी उत्साहपूर्वक मनाया गया, जिसमें प्राचार्या ने विद्यार्थियों, स्टाफ और अतिथियों के साथ नृत्य कर कार्यक्रम में ऊर्जा का संचार किया। अंत में प्राचार्या प्रोफेसर तरुणा मल्होत्रा ने सभी अतिथियों को फूलों के पौधे भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. मधु, डॉ. निधि, प्रीति, मीनू गुप्ता, डॉ. अंजू सचदेवा, मंजीत, सीमा, मेघा, कंचन, नीतू और एम.एड, बी.एड, डी.एल.एड के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।