बेसहारा गौवंश के रेस्क्यू से लेकर सरकारी अनुदान तक उठाए मुद्दे, हर तहसील में निगरानी व्यवस्था बनाने की मांग
पलवल, (सरूप सिंह )। गौ माता के संरक्षण एवं संवर्धन और जिले की गौशालाओं के सामने आ रही समस्याओं को लेकर गौसेवकों ने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। माता पहलादी देवी गौशाला, गांव कांवरका, पोस्ट पिंगौर, तहसील होडल की ओर से गौसेवकों एवं गौभक्तों ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर नौ प्रमुख मांगें रखीं।

ज्ञापन में कहा गया कि गौ माता भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और कृषि व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। इसके बावजूद बेसहारा गौवंश के संरक्षण और गौशालाओं के संचालन में कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। संसाधनों और आवश्यक सुविधाओं की कमी के कारण गौशालाओं को गौवंश की उचित देखभाल करने में परेशानी होती है।
गौसेवकों ने मांग की कि जिले में बेसहारा एवं घायल गौवंश के रेस्क्यू, उपचार और संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए। सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गौवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी संरक्षण व्यवस्था विकसित की जाए। इसके साथ ही गौशालाओं को सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता एवं अनुदान समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराया जाए।
ज्ञापन में गौशालाओं में चारा, पानी, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था करने के साथ पशु चिकित्सकों एवं जरूरी दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। गौसेवकों ने प्रत्येक तहसील स्तर पर गौशालाओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक निगरानी एवं समन्वय व्यवस्था बनाने की मांग की।
इसके अलावा गौशालाओं की भूमि और संसाधनों की सुरक्षा में प्रशासनिक सहयोग तथा गौशाला संचालकों एवं गौसेवकों की समस्याओं को सुनने के लिए जिला स्तर पर नियमित बैठक आयोजित करने का मुद्दा भी उठाया गया। ज्ञापन में गौ तस्करी एवं गौ हत्या के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग करते हुए प्रशासन से ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने की अपील की गई।
इस अवसर पर माता पहलादी देवी गौशाला के संचालक रामप्रकाश आर्य, रघुबीर बैसला, जगत सिंह बैसला, भगत सिंह बैसला, नरसिंह बैसला देवराज बघेल, गब्बर सिंह, दिनेश गुर्जर, मंडल महामंत्री भाजपा सहित अनेक गौसेवक एवं क्षेत्रवासी मौजूद रहे। गौसेवकों ने उपायुक्त से सभी मांगों पर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।
