नूंह, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल की अध्यक्षता में नूंह में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आमजन की विभिन्न शिकायतों और समस्याओं पर सुनवाई करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 14 शिकायतें रखी गईं, जिनमें से 11 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।

जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में बैठे कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और अन्य अधिकारीगण
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हरियाणा सरकार की प्राथमिकता केवल लोगों की शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि उनका निष्पक्ष, पारदर्शी और स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, उदासीनता या गैर-जिम्मेदाराना रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक अधिकारी पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाए।
लापरवाही सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक नागरिक को न्याय मिले और उसकी समस्या का समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाए। प्रशासनिक कार्यप्रणाली ऐसी होनी चाहिए जिससे शासन व्यवस्था के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत हो।
बैठक के दौरान एक विद्यालय की बाउंड्री वॉल के निर्माण का मामला सामने आया। इस पर मंत्री विपुल गोयल ने करीब 15 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने के निर्देश देते हुए निर्माण कार्य जल्द शुरू कर पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं की कमी नहीं रहने दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों को एक माह के भीतर जिले के सभी सरकारी विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण कर मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक विकास कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है।
कष्ट निवारण समिति की नियमित बैठकों का उद्देश्य लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर से बचाना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ निस्तारण करना होगा।
