फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा सरकार एक ओर एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे और ऑटो म्यूटेशन जैसे राजस्व कार्यों में तेजी लाने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर इंतकाल का काम दोबारा शुरू करने के सरकारी आदेश के विरोध में फरीदाबाद में पटवारी, और कानूनगो हड़ताल पर बैठें।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों के साथ एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे, ऑटो म्यूटेशन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण राजस्व कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एग्रीस्टैक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसान रजिस्ट्री भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जो भविष्य में किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने का आधार बनेगी। उर्वरक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित किसान हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं में किसान रजिस्ट्री का महत्व और बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने पात्र किसानों का पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने डिजिटल क्रॉप सर्वे में तेजी लाने के लिए अधिक संख्या में सर्वेयरों की रजिस्ट्रेशन आईडी तैयार कराने और प्रशिक्षित कर्मचारियों को सर्वे कार्य में लगाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपायुक्तों को अपने-अपने जिलों में किसान रजिस्ट्री और डिजिटल क्रॉप सर्वे की दैनिक मॉनिटरिंग करने को कहा। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद अतिरिक्त उपायुक्त अंजलि श्रोत्रिया ने संबंधित अधिकारियों को एग्रीस्टैक फार्मर आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
दूसरी ओर राजस्व अधिकारियों की हड़ताल
इसी बीच फरीदाबाद में पटवारी, और कानूनगो हड़ताल पर रहें। जानकारी के अनुसार, इंतकाल का काम दोबारा शुरू करने को लेकर हरियाणा सरकार द्वारा जारी आदेश के विरोध में राजस्व अधिकारी और कर्मचारी सेक्टर-12 स्थित टाउन पार्क में सुबह 10 बजे से हड़ताल पर बैठें। हड़ताल के कारण जमीन और संपत्ति से जुड़े राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है।
ऐसे समय में सरकार की ओर से ऑटो म्यूटेशन और राजस्व सेवाओं के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा सरकार ने जून 2026 में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 और ऑटो म्यूटेशन प्रणाली की शुरुआत की थी। नई व्यवस्था के तहत अब किसी संपत्ति या जमीन की रजिस्ट्री पूरी होते ही उसका इंतकाल भी स्वतः ऑनलाइन दर्ज होने की व्यवस्था की गई है।
सरकार का उद्देश्य जमीन की खरीद-बिक्री और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया को आसान, तेज और अधिक पारदर्शी बनाना है। ऐसे में एक तरफ मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे तथा ऑटो म्यूटेशन के कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दे रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ इंतकाल संबंधी सरकारी आदेश के विरोध में पटवारी, तहसीलदार और कानूनगो की हड़ताल प्रशासन के सामने नई चुनौती बन सकती है।
