पंचकूला, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। पंचकूला नगर निगम के फंड में कथित गबन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब ₹131.13 करोड़ की संपत्तियां कुर्क की हैं। मामले में फर्जी बैंक खातों के जरिए नगर निगम के करोड़ों रुपये की हेराफेरी और बाद में इस रकम की मनी लॉन्ड्रिंग किए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है।

ईडी की जांच में कथित मनी ट्रेल, राउंड ट्रिपिंग, निजी कारोबारियों तक रकम पहुंचने और लग्जरी वाहनों की खरीद से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। मामले में एजेंसी ने नौ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है।
फर्जी खातों के जरिए रकम निकालने का आरोप
मामले की जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, कोटक महिंद्रा बैंक में कथित तौर पर फर्जी खाते खोलकर पंचकूला नगर निगम की रकम का गबन किया गया। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि बैंक और नगर निगम से जुड़े किन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका इस पूरे प्रकरण में रही। ईडी की जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि नगर निगम से निकली रकम किन-किन बैंक खातों और संस्थाओं से होते हुए आखिरकार कहां पहुंची।
सनी गर्ग, प्रियंका गर्ग और सनत रियल्टर्स से जुड़े लेनदेन जांच के दायरे में
जांच में सनी गर्ग, प्रियंका गर्ग और सनत रियल्टर्स से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं। आरोप है कि गबन की गई रकम का एक हिस्सा संबंधित नेटवर्क तक असुरक्षित ऋण के रूप में पहुंचा। एजेंसी कथित तौर पर यह भी जांच रही है कि रकम को विभिन्न खातों और लेनदेन के माध्यम से घुमाकर उसकी वास्तविक उत्पत्ति छिपाने का प्रयास किया गया या नहीं।
3 प्रतिशत मासिक ब्याज और नकद लेनदेन की भी जांच
मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू कथित तौर पर 3 प्रतिशत मासिक ब्याज पर रकम दिए जाने और उससे जुड़े नकद लेनदेन का है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस व्यवस्था का इस्तेमाल अवैध धन को वैध स्वरूप देने या रकम की मनी ट्रेल छिपाने के लिए किया गया। इसके साथ ही निजी बिल्डरों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
लग्जरी गाड़ियों तक पहुंची जांच
ईडी की नजर कथित अवैध आय से खरीदे गए लग्जरी वाहनों पर भी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वाहनों की खरीद के लिए इस्तेमाल की गई रकम का स्रोत क्या था और क्या इसका संबंध नगर निगम से कथित तौर पर गबन की गई रकम से था। जांच में बैंक अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के वित्तीय लेनदेन की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
नौ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत
ईडी ने इस मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है। इसके साथ ही उन संपत्तियों को भी चिह्नित किया जा रहा है, जिनके बारे में संदेह है कि उन्हें कथित अपराध से अर्जित रकम से खरीदा गया। संपत्तियों को कुर्क करने का उद्देश्य जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान उनके हस्तांतरण या निपटान को रोकना है।
मनी ट्रेल और राउंड ट्रिपिंग पर एजेंसियों की नजर
मामले की जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कथित मनी ट्रेल और राउंड ट्रिपिंग है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि नगर निगम से निकली रकम को कितने खातों में भेजा गया, किन लोगों या कंपनियों के जरिए घुमाया गया और अंत में उसका इस्तेमाल कहां किया गया।
मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के स्तर पर आगे बढ़ रही है। जांच के दायरे में आने वाले वित्तीय लेनदेन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल जारी है। ईडी की कार्रवाई के बाद आने वाले दिनों में मामले से जुड़े अन्य वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों को लेकर भी नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
