जींद, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। जेल में कैदी संदीप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल में संदीप को टॉर्चर और परेशान किया जा रहा था। वहीं मौत से पहले का एक कथित ऑडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है, जिसमें जेल अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

परिजनों के आरोपों को जेल प्रशासन ने खारिज किया है। जेल अधीक्षक का दावा है कि कैदी संदीप ने आत्महत्या की है। वहीं संदीप के परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। जींद जेल प्रकरण में चार लोगों पर आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है। पोस्टमार्टम के बाद प्रशासन मामले की जांच में जुटा हुआ है।
मृतक संदीप के चाचा ने बताया कि संदीप उनके भाई का लड़का था। उनका आरोप है कि जब संदीप के माता-पिता जेल में उससे मिलने गए थे तो वह उनके सामने रोने लगा था। परिजनों का दावा है कि संदीप को जेल के अंदर काफी परेशान किया जा रहा था और उसके शरीर पर चोट के निशान भी थे, जिन्हें उसने अपने माता-पिता को दिखाया था।
परिजनों के मुताबिक शनिवार को मुलाकात के दौरान संदीप ने अपने पिता के सामने अपनी जान को लेकर डर भी जताया था। परिवार का आरोप है कि संदीप ने जेल के अंदर ज्यादा टॉर्चर किए जाने की बात कही थी।
संदीप के चाचा ने बताया कि वह पथरी की बीमारी से पीड़ित था और वर्ष 2023 से रोहतक पीजीआई में उसका इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि जेल से मेडिकल के लिए ले जाए जाने के दौरान मिलने वाली दवाइयां भी उसे नियमित रूप से नहीं दी जाती थीं।
परिवार का यह भी दावा है कि करीब डेढ़ साल पहले संदीप का ऑपरेशन होना था, लेकिन जेल प्रशासन की ओर से उसका ऑपरेशन नहीं करवाया गया। परिजनों का कहना है कि जेल में बंद कैदी की सुरक्षा और उसके इलाज की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है। ऐसे में संदीप की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
फिलहाल जेल प्रशासन ने परिजनों की ओर से लगाए गए टॉर्चर के आरोपों को खारिज किया है और संदीप द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मामले की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
