नई दिल्ली, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा में जल प्रबंधन, पानी की किल्लत और जल भंडारण की व्यवस्था को लेकर आज नई दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल करेंगे। शाम 6 बजे प्रस्तावित इस बैठक में हरियाणा के भाजपा और कांग्रेस सांसदों को आमंत्रित किया गया है।

बैठक में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पानी की उपलब्धता, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, पानी के भंडारण और केंद्र व राज्य सरकार की जल परियोजनाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना है। केंद्रीय मंत्री सांसदों से उनके संसदीय क्षेत्रों में पानी से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान को लेकर सुझाव भी लेंगे।
पानी की किल्लत वाले जिलों पर रहेगा विशेष फोकस
हरियाणा के कई जिलों में पानी की कमी लंबे समय से बड़ी समस्या बनी हुई है। विशेष रूप से दक्षिणी हरियाणा के कई इलाकों में भूजल स्तर में गिरावट और पेयजल की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। ऐसे क्षेत्रों तक पाइपलाइन और अन्य माध्यमों से पर्याप्त पानी पहुंचाने की संभावनाओं पर बैठक में मंथन किया जाएगा।
इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक पानी उपलब्ध है, वहां जल भंडारण की क्षमता बढ़ाने और उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन करने पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
सांसद बताएंगे अपने क्षेत्रों की समस्याएं
बैठक की खास बात यह है कि इसमें सत्ता पक्ष के साथ विपक्षी सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है। कांग्रेस सांसद अपने-अपने लोकसभा क्षेत्रों में पानी की किल्लत, पेयजल आपूर्ति और जल प्रबंधन से जुड़ी समस्याओं को केंद्रीय मंत्री के सामने रख सकेंगे।
सांसदों से मिलने वाले फीडबैक और सुझावों के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों के लिए आगे की रणनीति तैयार की जा सकती है। आवश्यकता के अनुसार नई परियोजनाओं और डीपीआर तैयार करने जैसे विषयों पर भी विचार होने की संभावना है।
दक्षिणी हरियाणा के जल संकट पर हो सकती है विस्तृत चर्चा
दक्षिणी हरियाणा में पानी की समस्या को देखते हुए इस क्षेत्र पर बैठक में विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। कई इलाके भूजल के अत्यधिक दोहन से प्रभावित हैं और कुछ क्षेत्रों में पीने के पानी की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती है।
बैठक में अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। ऐसे में पानी की कमी वाले क्षेत्रों की जरूरतों, उपलब्ध संसाधनों और संभावित परियोजनाओं को लेकर सांसद सीधे अधिकारियों और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री के सामने अपनी बात रख सकेंगे।
जल प्रबंधन के लिए मास्टर प्लान पर मंथन
बैठक का मुख्य उद्देश्य हरियाणा में उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए पानी की कमी वाले क्षेत्रों की समस्याओं का दीर्घकालिक समाधान तलाशना है। केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय, जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार करने पर जोर रहने की संभावना है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों को एक मंच पर बुलाकर उनके क्षेत्रों की समस्याओं और सुझावों को जानने की यह बैठक हरियाणा की भावी जल प्रबंधन रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
