रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नीट और अन्य परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक मामलों को लेकर विपक्ष पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मामलों को गंभीरता से लिया है और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से जल्द सजा दिलाने की दिशा में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) में मीडिया कर्मियों से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के सुरक्षित भविष्य और परीक्षाओं की पारदर्शिता को सर्वोपरि मान रही है। नीट पेपर लीक सहित परीक्षा से जुड़े अन्य मामलों पर भी सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति करने के बजाय संसद में सार्थक चर्चा होनी चाहिए। यदि विपक्ष के पास परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कोई सकारात्मक सुझाव है तो उसे केंद्र सरकार के समक्ष रखना चाहिए।
सैनी ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में भी परीक्षाओं में पेपर लीक के कई मामले सामने आए थे, लेकिन उस समय इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में केंद्र सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय शिक्षा का बजट 8,225 करोड़ रुपये था, जबकि वर्तमान केंद्र सरकार ने इसे बढ़ाकर 1.39 लाख करोड़ रुपये कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम में गलत नामों वाले परीक्षार्थियों के चयन का मामला सामने आया, जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों के दौरान बिना खर्ची और बिना पर्ची के 1.83 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 86 हजार युवाओं को नौकरी मिली थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार ने वर्ष 2021 में लोक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम से संबंधित कानून बनाया, जिसमें दोषियों के लिए दो से दस वर्ष तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि राहुल गांधी और अन्य विपक्षी दलों को छात्रों की समस्याओं के समाधान और परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास यदि कोई ठोस सुझाव है तो उसे संसद में रखकर सार्थक चर्चा करनी चाहिए, ताकि देश की परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी तथा मजबूत बनाया जा सके।
