फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। उपायुक्त आयुष सिन्हा की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तर पर सहकारिता एवं ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों और मुख्यमंत्री मल्टीपर्पज सहकारी समितियों की कार्यप्रणाली, प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

डीसी ने बताया कि जिले में संचालित प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए ऋण उपलब्ध करा रही हैं। इसके साथ ही खाद, बीज और कीटनाशक जैसी आवश्यक कृषि सामग्री भी किसानों तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखते हुए उन्हें बहुउद्देश्यीय बनाना जरूरी है, ताकि वे कॉमन सर्विस सेंटर डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन सहित अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ सकें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले की कई प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों द्वारा अटल सेवा केंद्र शुरू किए जा चुके हैं। वहीं, मुख्यमंत्री मल्टीपर्पज सहकारी समितियों के तहत नई समितियों का गठन कर उन्हें विभिन्न व्यवसायिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बल्लभगढ़ के सुनपेड़ गांव में स्थापित वीटा मिल्क बूथ को एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे अन्य स्थानों पर भी अपनाने की योजना है।
डीसी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक समिति कम से कम एक नई आय बढ़ाने वाली गतिविधि शुरू करे, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सहकारी समितियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए। साथ ही, सफल मॉडलों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर उन्हें अन्य गांवों में भी लागू किया जाए।
उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि समितियों के कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमित निगरानी बनी रहे, ताकि उनकी कार्यक्षमता और विश्वसनीयता दोनों में वृद्धि हो सके।