चंडीगढ़, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा सरकार ने राज्य के मेधावी विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर दी है। सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी “सुपर-100” योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 100 अतिरिक्त सीटें जोड़ने का फैसला लिया है। इस विस्तार के बाद योजना की कुल क्षमता 500 से बढ़कर अब 600 विद्यार्थियों तक पहुंच जाएगी।

क्या है सुपर-100 योजना?
सुपर-100 योजना के तहत सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को IIT-JEE, NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पूरी तरह मुफ्त कोचिंग दी जाती है। योजना का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी किसी भी होनहार छात्र के सपनों के आड़े न आए।
आवेदन और परीक्षा की समयसारिणी
शिक्षा निदेशालय के अनुसार अतिरिक्त सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया 9 जुलाई से शुरू हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी 12 जुलाई से प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकेंगे। चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी — पहले चरण की परीक्षा 14 जुलाई को होगी, जिसका परिणाम 17 जुलाई को घोषित किया जाएगा। सफल अभ्यर्थी 19 जुलाई को दूसरे चरण की परीक्षा देंगे, और अंतिम परिणाम 23 जुलाई को जारी होगा। चयनित विद्यार्थियों की कक्षाएं 25 जुलाई से शुरू हो जाएंगी।
शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि पात्र विद्यार्थियों की पहचान कर उनका समय पर पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी योग्य छात्र इस अवसर से वंचित न रह जाए।
बुनियाद योजना का भी विस्तार
शिक्षा सहायता को और मजबूत करते हुए सरकार ने “बुनियाद” योजना के तहत 25 नए केंद्र स्थापित करने की भी घोषणा की है। इसके साथ ही कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-100 केंद्र को 100 नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर तकनीकी संसाधन मिल सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की विशेष रूप से सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमज़ोर विद्यार्थियों को लाभ
सरकार का मानना है कि सीटों की संख्या बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के अधिक मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कोचिंग का अवसर मिलेगा, जिससे वे देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों में अपनी जगह बना सकेंगे।