फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। सीएम फ्लाइंग ने गुप्त सुचना के आधार पर जिले के डूंगरपुर और मिर्ज़ापुर में जींस की रंगाई और धुलाई के साथ लांड्री में छापा मरकर उनके जरुरी दस्तावेज की जाँच की। इसके साथ साथ रंगाई और धुलाई में काम आने वाले केमिकल के बारे में भी जाँच की। जहाँ जाँच में पाया गया की जींस और अन्य कपड़ों को धोने और रंगने के बाद उनके पानी को खुले में ही छोड़ दिया जाता है। जिससे पानी में प्रदूषण बढ़ रहा है।

सुचना मिलने पर मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एईई जतिन बरवाला के साथ सबसे पहले डूंगरपुर गांव में कपडे धोने की वर्कशॉप का निरीक्षण किया इस वर्कशॉप में अलीपुर गांव का निवासी मनोज सुपरविशर के तौर पर काम करता है, ने बताया की इस वर्कशॉप को दिल्ली निवासी राहुल कनोजिया द्वारा चलाया जा रहा है। मनोज से प्रदूषण विभाग की टीम द्वारा वैध दस्तावेज पेश करने बारे कहा लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नही कर सके।
इस वर्कशॉप को चलाने के लिए प्रदूषण विभाग से कोई वैध अनुमति या रजिस्ट्रेशन करवाया गया था इसके अलावा बायलर में लकड़ी जलानी पाई गई। कपड़े धोने के बाद निकलने वाले गन्दे पानी को भी खुले के छोड़ दिया जाता है। वर्कशॉप में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट तो था लेकिन काम नहीं कर रहा था। जाँच के दौरान टीम ने पाया की यहाँ लगे ट्रांसफार्मर व वर्कशॉप में लगे उपकरणों का लोड भी ज्यादा पाया गया।
जाँच टीम ने वर्कशॉप संचालक को कारन बताओ नोटिस जारी कर आगे की कार्यवाही के लिए रिपोर्ट भेज दी है।
