पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत दाखिल नागरिकता आवेदनों पर सुनवाई जल्द पूरी होगी. उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेट जारी करने की प्रकिया में तेजी लाई जाएगी. उन्होंने कहा कि CAA के तहत नागरिकता के लिए 2.30 लाख लोगों ने आवेदन किए, जिनमें 23 हजार लोगों को सर्टिफिकेट जारी किए गए.
CAA पर एक्शन में शुभेंदु सरकार
सीएम शुभेंदु अधिकारी आगे कहा, ‘हम तेजी से सुनवाई पूरी करके धार्मिक उत्पीड़न के कारण बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों को सर्टिफिकेट सौंप देंगे. विशेष रूप से हमारे हिंदू शरणार्थी और मतुआ समुदाय के लोग, जो लंबे समय से इस आस में थे और जिन्होंने हमें सत्ता में बैठाया है. वे अब मुझसे अपना सर्टिफिकेट ले सकते हैं.’
इस महीने की शुरुआत में सीएम शुभेंदु ने कोलकाता के न्यू टाउन में आयोजित एक कार्यक्रम में उत्तर 24 परगना जिले के मतुआ समुदाय के 300 सदस्यों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपे थे. तब उन्होंने घोषणा की थी कि पश्चिम बंगाल में सीएए के तहत नागरिकता के लिए लंबित सभी आवेदनों का निपटारा अगले छह महीनों के भीतर कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा था कि सीएए का उद्देश्य नागरिकता प्रदान करना है, किसी की नागरिकता छीनना नहीं.
23,956 नागरिकता प्रमाण पत्र किए जा चुके जारी
सीएए के तहत छह समुदायों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी, जिन्होंने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर, 2014 से पहले भारत में शरण ली थी. 24 अगस्त को जितने लोगों को सर्टिफिकेट दिया गया है उससे पहले 23,956 नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं. नदिया जिले में सबसे अधिक 10,191 प्रमाण पत्र प्राप्त हुए हैं, जबकि उत्तर 24 परगना में 8,930 प्रमाण पत्र प्राप्त हुए है.
इसके अलावा सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि राज्यपाल आर. एन. रवि ने नए कानून को अपनी मंजूरी दे दी है. इस कानून के तहत पुलिस पर हमला करने वालों की गिरफ्तारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से नुकसान की भरपाई करने का प्रावधान है. इस संबंध सोमवार (24 अगस्त 2026) में आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. यह अधिसूचना ‘पश्चिम बंगाल सार्वजनिक सुरक्षा और असामाजिक गतिविधि नियंत्रण विधेयक, 2026’ से संबंधित है, जिसे हाल ही में राज्य विधानसभा से पारित किया गया था.
