फरीदाबाद: केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के हस्तक्षेप से ‘स्टिल्ट+4’ भवन योजनाओं को मिली राहत, ऑफलाइन स्वीकृति प्रक्रिया लागू

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। ऑनलाइन पोर्टल में लंबे समय से आ रही तकनीकी समस्याओं के कारण ‘स्टिल्ट+4’ भवन योजनाओं की मंजूरी का इंतजार कर रहे सैकड़ों लोगों को बड़ी राहत मिली है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने अब इन भवन योजनाओं के लिए ऑफलाइन आवेदन और स्वीकृति प्रक्रिया लागू कर दी है। विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है।

इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के हस्तक्षेप को अहम माना जा रहा है। फरीदाबाद एस्टेट एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आकाश गुप्ता के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर ऑनलाइन पोर्टल बंद होने के कारण लंबित पड़े भवन नक्शों की समस्या से अवगत कराया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने तुरंत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक अमित खत्री से बातचीत की। निदेशक ने पोर्टल में तकनीकी दिक्कतों की जानकारी देते हुए आश्वासन दिया कि जब तक ऑनलाइन प्रणाली पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाती, तब तक ‘स्टिल्ट+4’ भवन योजनाओं की स्वीकृति ऑफलाइन माध्यम से दी जाएगी। इसके लिए विभाग ने तत्काल आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी।

जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी बाधाओं के चलते 250 से अधिक ‘स्टिल्ट+4’ भवन योजनाओं के आवेदन लंबित थे। इससे भवन मालिकों, बिल्डरों और आर्किटेक्ट्स को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ निर्माण कार्यों में भी देरी का सामना करना पड़ रहा था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब आवेदक आवश्यक दस्तावेज विभाग में ऑफलाइन जमा कर अपनी फाइलों की स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेंगे।

फरीदाबाद एस्टेट एजेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आकाश गुप्ता ने कहा कि विभाग के इस फैसले से लंबे समय से लंबित आवेदनों के निस्तारण में तेजी आएगी और निर्माण कार्य समय पर शुरू हो सकेंगे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके त्वरित हस्तक्षेप से सैकड़ों परिवारों, बिल्डरों और संपत्ति मालिकों को बड़ी राहत मिली है।

प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष हिमांशु अग्रवाल के अलावा अशोक अग्रवाल, सतीश नासा, कपिल गर्ग, राजेश तंवर, अनिल भारद्वाज और राजिंदर शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने उम्मीद जताई कि ऑफलाइन व्यवस्था लागू होने से लंबित मामलों का जल्द समाधान होगा और निर्माण गतिविधियों को गति मिलेगी।

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Author: Prime Haryana

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