राहुल द्रविड़ के 3 वर्ल्ड रिकॉर्ड, जिनके आगे बड़े-बड़े दिग्गजों ने मांगा पानी


राहुल द्रविड़ ने अपने करियर में सिर्फ खूब रन नहीं बनाए, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में ऐसे रिकॉर्ड भी बनाए जो उनकी बल्लेबाजी की पूरी तस्वीर दिखाते हैं. द्रविड़ को ‘द वॉल’ कहा जाता था और इसकी वजह भी साफ थी. वह क्रीज पर आते थे तो गेंदबाजों को उन्हें आउट करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ती थी. द्रविड़ के नाम कई बड़े रिकॉर्ड हैं, लेकिन तीन आंकड़े खास हैं. इन तीनों में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी उनसे पीछे रह गए.

1. टेस्ट में सबसे ज्यादा गेंद खेलने का रिकॉर्ड

द्रविड़ ने अपने टेस्ट करियर में कुल 31,258 गेंदों का सामना किया. टेस्ट क्रिकेट में किसी बल्लेबाज का इतने ज्यादा गेंद खेलना अपने आप में बड़ी बात है. इस मामले में सचिन तेंदुलकर दूसरे नंबर पर हैं. सचिन ने अपने टेस्ट करियर में 29,437 गेंदें खेलीं. यानी द्रविड़ ने सचिन से करीब 1,800 ज्यादा गेंदों का सामना किया. यह रिकॉर्ड बताता है कि द्रविड़ कितने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते थे. वह हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के बजाय अपनी पारी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाने में यकीन रखते थे.

2. टेस्ट में सबसे ज्यादा देर तक बल्लेबाजी

द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी करते हुए 44,152 मिनट क्रीज पर बिताए. इस मामले में भी उनका नाम सबसे ऊपर है. सचिन ने अपने टेस्ट करियर में 41,304 मिनट बल्लेबाजी की. यानी यहां भी द्रविड़ उनसे आगे रहे. द्रविड़ की बल्लेबाजी की यही खासियत थी. वह क्रीज पर जमने के बाद आसानी से अपना विकेट नहीं देते थे. कई बार उनकी पारी का असर सिर्फ बनाए गए रनों से नहीं, बल्कि इस बात से भी होता था कि उन्होंने कितनी देर तक विपक्षी गेंदबाजों को परेशान किया.

3. टेस्ट में सबसे ज्यादा शतकीय साझेदारियां

द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट में 88 बार 100 या उससे ज्यादा रन की साझेदारी की. इस मामले में भी वह सबसे आगे हैं. सचिन तेंदुलकर ने 86 ऐसी साझेदारियां की थीं. यानी यहां दोनों के बीच ज्यादा बड़ा अंतर नहीं है, लेकिन रिकॉर्ड द्रविड़ के नाम है. दिलचस्प बात यह है कि द्रविड़ और सचिन ने साथ खेलते हुए टेस्ट क्रिकेट में 20 शतकीय साझेदारियां की थीं. दोनों ने लंबे समय तक भारतीय बल्लेबाजी को मजबूती दी.

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आंकड़ों में ऐसा रहा द्रविड़ का करियर

द्रविड़ ने भारत के लिए 164 टेस्ट मैचों में 13,288 रन बनाए. उनके नाम 36 शतक और 63 अर्धशतक रहे. टेस्ट में उनका सबसे बड़ा स्कोर 270 रन था. वनडे में भी द्रविड़ ने 344 मैच खेले और 10,889 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 12 शतक और 83 अर्धशतक लगाए. खास बात यह है कि द्रविड़ का भारतीय क्रिकेट में योगदान उनके संन्यास के साथ खत्म नहीं हुआ. कोच के तौर पर भी उन्होंने बड़ी भूमिका निभाई और 2024 में भारत ने उनकी कोचिंग में टी20 विश्व कप जीता. द्रविड़ के ये रिकॉर्ड उनकी बल्लेबाजी की वही तस्वीर दिखाते हैं, जिसके लिए पूरा क्रिकेट जगत उन्हें ‘द वॉल’ कहता था.

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Author: Prime Haryana

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