अगर आपके नाम पर पहले से 9 मोबाइल कनेक्शन हैं और आप 10वां SIM कार्ड लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने SIM कार्ड जारी करने के नियमों को और सख्त कर दिया है. 24 अगस्त 2026 से टेलीकॉम कंपनियां किसी भी ऐसे ग्राहक को नया SIM कार्ड जारी नहीं करेंगी, जिसके नाम पर पहले से अधिकतम सीमा (9 या 6) तक मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं. यानी 10वां SIM कार्ड अब नहीं मिलेगा. यह नियम देशभर में एक साथ लागू हो गया है. तो आइए एक्सप्लेनर में इस नए नियम को हर पहलू से समझते हैं…
एक व्यक्ति कितने SIM कार्ड रख सकता है?
यह सीमा नई नहीं है. दूरसंचार विभाग (DoT) ने 9 अगस्त 2012 को ही यह सीमा तय कर दी थी कि एक व्यक्ति अपने नाम पर ज्यादातर 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है. यह सीमा सभी टेलीकॉम कंपनियों (Jio, Airtel, Vi, BSNL) और सभी लाइसेंस प्राप्त सर्विस एरिया को मिलाकर लागू होती है.
मतलब साफ है कि अगर आपके पास 3 Airtel के, 4 Jio के और 2 Vi के SIM हैं, तो कुल मिलाकर 9 हो गए. अब आप किसी भी कंपनी से 10वां SIM नहीं ले सकते.
किस राज्य में कितने SIM की इजाजत?
सीमा पूरे देश में एक जैसी नहीं है. दो अलग-अलग कैटेगरी हैं:
| क्षेत्र | अधिकतम SIM कार्ड |
| भारत के ज्यादातर राज्य | 9 |
| जम्मू-कश्मीर | 6 |
| असम | 6 |
| पूर्वोत्तर राज्य | 6 |
यानी जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में एक व्यक्ति ज्यादा से ज्यादा 6 मोबाइल कनेक्शन ही रख सकता है. इन क्षेत्रों में सीमा कम होने की वजह सुरक्षा से जुड़ी खास जरूरतें हैं.
24 अगस्त से क्या बदल गया?
अब तक यह सीमा थी तो थी, लेकिन उस पर सख्ती से अमल नहीं हो पाता था. स्कैमर्स लूपहोल का फायदा उठाकर सीमा से ज्यादा SIM अपने नाम पर जारी करवा लेते थे.
24 अगस्त 2026 से यह सब बदल गया है. अब टेलीकॉम कंपनियों को नया SIM जारी करने से पहले ही यह चेक करना होगा कि आवेदक के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन हैं. DoT ने 17 अगस्त 2026 को एक सर्कुलर जारी कर टेलीकॉम कंपनियों को इसके लिए तकनीकी और संगठनात्मक उपाय करने का निर्देश दिया.
अब 10वां SIM कार्ड लेना नामुमकिन हो गया है.
कैसे पता चलेगा कि किसके नाम पर कितने SIM हैं?
इसके लिए सरकार ने डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) तैयार किया है. यह एक ऐसा सिस्टम है जिसमें सभी टेलीकॉम कंपनियों के ग्राहकों का डेटा एक जगह इकट्ठा होता है.
23 अगस्त 2026 से DoT ने DIP पर हर उस ग्राहक की फोटो उपलब्ध करानी शुरू कर दी, जिसके नाम पर अधिकतम सीमा तक SIM दर्ज हैं. टेलीकॉम कंपनियां इस डेटा का इस्तेमाल यह पता लगाने के लिए करेंगी कि कोई नया SIM लेने आया है तो क्या उसके नाम पर पहले से सीमा पूरी हो चुकी है.
इसके अलावा, नया SIM लेते समय ग्राहक को कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) में यह घोषणा भी करनी होगी कि उसके नाम पर पहले से कितने मोबाइल नंबर दर्ज हैं. चाहे वे किसी भी कंपनी या किसी भी सर्कल के हों.
क्या 9 से ज्यादा SIM हैं तो क्या होगा?
अगर किसी व्यक्ति के नाम पर 9 से ज्यादा SIM कार्ड पाए जाते हैं, तो पहले 9 के बाद जारी किए गए सभी अतिरिक्त SIM कार्ड ब्लॉक कर दिए जाएंगे.
DoT के मुताबिक, अगर कोई ग्राहक सीमा से ज्यादा SIM लेता है और टेलीकॉम कंपनी उसे एक्टिवेट कर देती है, तो उस कनेक्शन को तुरंत एक दिन के लिए सस्पेंड किया जा सकता है, जब तक कि मामला सुलझ न जाए.
हालांकि, यह प्रक्रिया शुरू में पोस्ट-फैक्टो (यानी SIM जारी होने के बाद) चलेगी. लेकिन सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को 30 नवंबर 2026 तक रियल-टाइम सिस्टम लागू करने का निर्देश दिया है, यानी SIM जारी होते ही तुरंत चेकिंग हो.
सरकार ने यह कदम क्यों उठाया?
इस नए सिस्टम का मुख्य मकसद साइबर फ्रॉड, वित्तीय घोटालों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को रोकना है. अक्सर स्कैमर्स दूसरे लोगों के आधार या पहचान पत्र का इस्तेमाल करके फर्जी SIM कार्ड जारी करवा लेते हैं. नए नियमों से इस पर लगाम लगेगी.
DoT ने साफ कहा है कि इस निर्देश का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक मोबाइल कनेक्शन का इस्तेमाल केवल निर्धारित सीमा के भीतर ही करें.
क्या आपके नाम पर कितने SIM हैं, कैसे चेक करें?
अगर आपको नहीं पता कि आपके नाम पर कितने मोबाइल नंबर एक्टिव हैं, तो सरकार की संचार साथी प्लेटफॉर्म (TAFCOP पोर्टल) पर जाकर चेक कर सकते हैं. यहां अपना मोबाइल नंबर डालकर आप देख सकते हैं कि आपकी आइडेंटिटी से कितने नंबर लिंक हैं. अगर कोई अनजान नंबर दिखे, तो उसे रिपोर्ट भी कर सकते हैं.

