कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने किया अनावरण, कहा—शहीद का जीवन युवाओं के लिए बनेगा प्रेरणा का स्रोत
रोहतक,। गांव ईस्माइला में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के शहीद इंस्पेक्टर जगमहेंद्र कौशिक की प्रतिमा का शनिवार को अनावरण किया गया। कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने प्रतिमा का अनावरण कर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर बीएसएफ के अधिकारी-जवान, शहीद के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि इंस्पेक्टर जगमहेंद्र कौशिक ने अपने जीवन के करीब चार दशक देश की सुरक्षा और सेवा में समर्पित किए। गांव में स्थापित उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देती रहेगी। मंत्री ने बताया कि जगमहेंद्र कौशिक का जन्म 3 जनवरी 1967 को हुआ था और उन्होंने 7 नवंबर 1986 को सीमा सुरक्षा बल में अपनी सेवा शुरू की।
लंबे सेवाकाल के दौरान उन्हें तीन बार ऑल इंडिया पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया। बीएसएफ में उन्होंने कोच के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली और जवानों को प्रशिक्षण दिया। जम्मू में कंपनी कमांडर के पद पर तैनाती के दौरान सर्च अभियानों में जगमहेंद्र कौशिक ने पाकिस्तान की ओर से बनाई गई दो सुरंगों का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी इस उपलब्धि और बहादुरी के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया।
ड्यूटी के दौरान 15 फरवरी 2024 को श्रीगंगानगर में उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद गांव ईस्माइला में उनकी स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए प्रतिमा स्थापित की गई है। प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि सीमा पर तैनात जवान कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने कहा कि जब देशवासी अपने घरों में सुरक्षित रहते हैं, उस समय सुरक्षा बलों के जवान विपरीत मौसम और कठिन परिस्थितियों के बीच अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं।
उन्होंने गांव के युवाओं से शहीद जगमहेंद्र कौशिक के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केवल प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करना ही श्रद्धांजलि नहीं है, बल्कि उनके अनुशासन, मेहनत, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में अपनाना उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कार्यक्रम में बीएसएफ की 48वीं वाहिनी के कमांडेंट सुरेश कुमार, डिप्टी कमांडेंट रामबीर सांगवान, आरक्षक हरिओम जांगड़ा सहित अन्य अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।
