यमुनानगर। (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा के यमुनानगर जिले के ठसका गांव में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षोल्लास, उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन राणा फार्म ठस्का और बीजेपी मजदूर प्रकोष्ठ फरीदाबाद के जिला संयोजक एवम पूर्व जिला पार्षद शैलेंद्र सिंह एवम ऐपल मैन ऑफ हरियाणा के नाम से विख्यात एवम झिलमिल ढाबा करनाल के संचालक नरेंद्र चौहान के प्रयासों से किया गया। जिसमें आसपास के कई गांवों से लोग, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। इसके पश्चात आये कविओं ने देश भक्ति की कविताओं से कर्यकर्म की शोभा बढ़ाई। कविताओं को शुरुआत राजेंद्र शर्मा रैना ने अपनी देशभक्ति की कविता याद करो उनको याद करो भूलों न उनको याद करो, आज़ादी के दिवानो को कुर्बान हुए परवानो को से शुरुआत की। इसे बाद आई कवियत्री वनिता चोपड़ा ने अपनी कविताओं से कार्यकर्म को और भी भक्ति के रंग से सरोबार करते हुए अपनी कविता बला की भीड़ है कोई तन्हा नही मिलता हजारों लोग मिलते हैं कोई तुमसा नही मिलता पेश की।
इसके बाद की कविता करनाल से आये मनोज मधुरभाषी ने ऑपरेशन सिंदूर को याद करते हुए आतँकवादी घुटनों पर आया है, नाक रगड़ कर अपनी हार को मनाया है। दुनिया ने भारत का जलवा देखा है पेश की, सभी कविताओं का कार्यक्रम में आए लोगों ने भरपूर आनंद लिया। देशभक्ति के गीतों, कविताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। पूरा माहौल “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में आए कवियों ने देश भक्ति की कविता सुनकर कार्यक्रम को और भी आनंदमय बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। प्रमाण पत्र लड़वा से पूर्व विधायक पवन सैनी और कुलदीप सैनी के हाथों दिया गए और आकर्षक इनाम देकर प्रोत्साहित किया गया, ताकि वे आगे भी मेहनत और लगन से पढ़ाई कर गांव, जिला और प्रदेश का नाम रोशन करें। इसके साथ ही समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय से योगदान दे रहे बुजुर्गों को भी मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और नई पीढ़ी को उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता है।
इस अवसर पर कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि भारतीय वायु सेवा पूर्व अधिकारी कुलदीप सैनी और लड़वा से पूर्व विधायक पवन सैनी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा की “गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी पर्व नहीं, बल्कि यह हमें हमारे संविधान, अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाने का दिन है। 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान अपनाकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में नई पहचान बनाई। आज हम सबका कर्तव्य है कि हम शिक्षा, स्वच्छता, भाईचारे और ईमानदारी के माध्यम से अपने गांव और देश को आगे बढ़ाएं। बच्चों को पढ़ाई में आगे बढ़ते देखना सबसे बड़ी खुशी की बात है, क्योंकि यही बच्चे कल देश का भविष्य बनेंगे।”
उन्होंने आगे कहा कि समाज सेवा करने वाले बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है और इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और अतिथियों ने भी अपने विचार साझा किए। लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं और बच्चों में देशभक्ति की भावना पैदा करते हैं। ग्रामीणों ने भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम मे सत्यपाल चौहान, कंवरभान नरवाल, तेजबीर सिंह राणा, रविंद्र सिंह राणा, जीवन राम, अशोक कुमार जागीर सिंह, हरिराम उचान तेजपाल उचाना, संजय कुमार, राजेंद्र सिंह ग्रेवाल कार्यक्रम का संचालन देवी राम सैनी ने किया।