फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा के विशेष ऊर्जा सचिव एवं उत्तर तथा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह की अध्यक्षता में आज एक उच्च स्तरीय ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में फरीदाबाद के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से एवं डीएचबीवीएन एवं यूएचबीवीएन के निदेशक, मुख्य अभियंता तथा अधीक्षण अभियंता ऑनलाइन शामिल हुए।

बैठक में गुरुग्राम स्थित हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम (एचवीपीएन) के 220 केवी सबस्टेशन पर गत रात्रि हुई तकनीकी घटना के दौरान करंट ट्रांसफार्मर (सीटी) जलने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए किए गए समन्वित प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रबंध निदेशक ने गुरुग्राम सर्कल-1 एवं गुरुग्राम सर्कल-2 के अधीक्षण अभियंताओं से बिजली आपूर्ति बहाली की क्रमवार जानकारी प्राप्त की।
एचवीपीएन के अधिकारियों को आवश्यक सामान सीटी आदि अग्रिम रूप से उपलब्ध रखने के निर्देश दिए। विक्रम सिंह ने निर्देश दिए कि ऐसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी अधिकारी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें तथा 24 घंटे सतर्क एवं उपलब्ध रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन एवं फील्ड से जुड़े अधिकारियों को आवश्यक कार्यों को ध्यान में रखते हुए किसी अन्य जांच अथवा गैर-जरूरी कार्य में न लगाया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी भी अधीक्षण अभियंता के स्तर पर आवश्यक उपकरण अथवा सामग्री की कमी नहीं होनी चाहिए। मांग एवं बढ़ती बिजली खपत के अनुरूप जरूरी सामान प्रत्येक सर्कल के स्टोर में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखा जाए। प्रबंध निदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीषण गर्मी एवं बढ़ते लोड की स्थिति में उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए हर समय उपलब्ध रहें।
उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं उपभोक्ताओं के मोबाइल फोन कॉल एवं अन्य सोशल मीडिया ग्रुप्स, ईमेल आदि का अनिवार्य रूप से रिस्पॉन्स करें। साथ ही उपभोक्ताओं की टोल फ्री नंबर 18001804334 या 1912 अथवा स्थानीय मोबाइल एवं टेलीफोन नंबर पर आई शिकायतों एवं समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यालय एवं ड्यूटी पर मोबाइल फोन सक्रिय रखें तथा कॉल का तुरंत जवाब दें। विशेष रूप से बिजली बाधित होने, फॉल्ट, बिलिंग अथवा अन्य तकनीकी समस्याओं के दौरान उपभोक्ताओं से बेहतर संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता सेवाओं में लापरवाही अथवा फोन रिस्पॉन्स नहीं मिलने संबंधी शिकायतों का उच्च अधिकारियों तक पहुंचना निगम की कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
इसलिए सभी फील्ड स्टाफ, शिकायत केंद्रों एवं संबंधित शाखाओं को निर्देशित किया गया है कि वे शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें और किए जा रहे कार्यों के बारे में उपभोक्ताओं को अवगत अवश्य करवाएं। निगम प्रबंधन ने कहा कि उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध बिजली सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर संचार व्यवस्था में कमी नहीं आने दी जाएगी।
प्रबंध निदेशक ने बैठक के बाद एनआईटी फरीदाबाद के शिकायत केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने शिकायत आने से लेकर समाधान किए जाने और उपभोक्ताओं से रिस्पांस प्राप्त करने की प्रक्रिया एवं कार्यरत कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। इस मौके पर उनके साथ अधीक्षण अभियंता जितेंद्र ढुल एवं कार्यकारी अभियंता उर्मिला ग्रेवाल आदि उपस्थित रहे।