सास की प्रेरणा से, मत्स्य पालन में रची सफलता की नई कहानी, लाखों की आय कर रहीं अर्जित मनोही खन्ना

रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। जिला रोहतक के गांव आंवल की बहू और वर्तमान में दिल्ली निवासी 35 वर्षीय शिक्षित गृहिणी मनोही खन्ना आज महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक सोच के बल पर मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

मनोही खन्ना ने वर्ष 2021 में अपनी सास ऊषा खन्ना से प्रेरणा लेकर 2.5 एकड़ के तालाब में मछली पालन का कार्य शुरू किया। शुरुआत में उन्हें इस क्षेत्र का कोई अनुभव नहीं था, लेकिन सीखने की इच्छा और आत्मविश्वास ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आधुनिक तकनीकों को समझने के लिए उन्होंने हिसार स्थित एआरटीआई (मत्स्य पालन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान) से वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

प्रशिक्षण के बाद उन्होंने मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन में पंगेसियस और आईएमसी मछलियों का पालन शुरू किया। उन्होंने अपने तालाब में करीब 8 से 10 हजार मछली बीज डाले और उचित तालाब प्रबंधन, नियमित देखभाल तथा समर्पण के माध्यम से उत्कृष्ट उत्पादन हासिल किया। मनोही खन्ना की मेहनत का परिणाम यह रहा कि उनका वार्षिक मछली उत्पादन 40 से 45 मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जिससे उन्हें लगभग 6 लाख रुपये की वार्षिक आय होने लगी।

उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि मत्स्य पालन ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार और आय का बेहतर साधन बन सकता है। मनोही की सफलता में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस योजना के तहत उन्हें 5 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई, जिसकी सहायता से उन्होंने अपने व्यवसाय का विस्तार किया और आधुनिक तकनीकों को अपनाया। वर्तमान में वे 5.5 एकड़ क्षेत्र में सफलतापूर्वक मत्स्य पालन कर रही हैं।

मनोही खन्ना केवल स्वयं तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि वे अन्य महिलाओं और किसानों को भी मत्स्य पालन अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वे लोगों को मीठे पानी की मछली पालन तकनीकों की जानकारी देती हैं और अपने अनुभव साझा कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। मनोही अपनी सफलता का श्रेय मत्स्य विभाग और एआरटीआई हिसार को देती हैं, जिन्होंने उन्हें तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और निरंतर मार्गदर्शन प्रदान किया।

उनकी प्रेरणादायक कहानी यह साबित करती है कि उचित प्रशिक्षण, सरकारी सहायता और कठोर परिश्रम के बल पर कोई भी गृहिणी सफल उद्यमी बन सकती है। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि जिले की अन्य महिलाओं को भी मनोही खन्ना से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के अनुसार सफल उद्यमी बनने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं।

जिनका लाभ उठाकर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बन सकती हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा सकती हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सब्सिडी प्रदान करने का प्रावधान है और मनोही खन्ना ने इस योजना का लाभ उठाकर समाज की अन्य महिलाओं के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

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Author: Prime Haryana

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