फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। नगर निगम के तमाम दावों के बावजूद शहर में सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। वार्ड-6 की गली नंबर 7बी में सीवर और जाम नालियों का गंदा पानी सड़कों से होकर लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। हालात इस कदर खराब बताए जा रहे हैं कि कई परिवार मकान खाली कर किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।

लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद निगम अधिकारियों, पार्षद और विधायक की ओर से समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार गली में लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। सड़क पर जमा गंदे पानी के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रात के समय सड़क पर पानी दिखाई नहीं देने के कारण बुजुर्गों और महिलाओं के गिरकर घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
स्थानीय निवासी सरबजीत कौर का आरोप है कि गंदे पानी में गिरने के कारण उनका हाथ टूट गया। उनका कहना है कि गली की अन्य महिलाएं और बुजुर्ग भी गिरकर चोटिल हो चुके हैं। गली में रहने वाले लोगों का कहना है कि यहां 50 से अधिक परिवार रहते हैं। आसपास की कई गलियों का निर्माण हो चुका है, लेकिन गली नंबर 7बी की स्थिति लंबे समय से जस की तस बनी हुई है।
लोगों का आरोप है कि वर्ष 2012 में गली का निर्माण कराया गया था, जिसके बाद से यहां की सड़क और सीवर व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।स्थानीय निवासी बबलू तोमर ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों से गली में सीवर ओवरफ्लो और सड़क निर्माण की समस्या के समाधान की मांग की जाती है तो अधिकारियों की ओर से फाइल गुम होने की बात कही जाती है। उनका कहना है कि अधिकारियों के अनुसार नई फाइल तैयार करने में समय लगेगा।
बबलू तोमर ने आरोप लगाया कि एनआईटी विधायक क्षेत्र में अन्य स्थानों पर लगातार सक्रिय नजर आते हैं, लेकिन वार्ड-6 की इस गली की समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। अमन शर्मा ने कहा कि वर्ष 2012 में गली का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से यहां की स्थिति लगातार खराब होती चली गई। सीवर का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में प्रवेश कर रहा है। हालात से परेशान कुछ लोग अपने मकान खाली कर किराए के मकान में रहने लगे हैं।
उनका कहना है कि गली की हालत खराब होने के कारण मकान बेचने में भी परेशानी हो सकती है। सरबजीत कौर ने बताया कि रात के समय गली में जमा गंदा पानी दिखाई नहीं देता। इसी वजह से वह उसमें गिर गईं और उनका हाथ टूट गया। उन्होंने कहा कि गली में रहने वाली कई अन्य महिलाएं भी गिरकर घायल हो चुकी हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
हेमा भाटिया ने कहा कि उन्हें इस गली में रहते हुए 15 साल से अधिक समय हो चुका है, लेकिन गली की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया। उनका कहना है कि इस समय क्षेत्र के विधायक भाजपा से हैं, इसके बावजूद स्थानीय लोगों को समस्या से राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने बताया कि उनके घर में भी सीवर का गंदा पानी प्रवेश कर चुका है।
समस्या को लेकर सोमवार को स्थानीय लोगों ने एकत्र होकर विधायक और पार्षद के खिलाफ नारेबाजी की और गली की समस्याओं का जल्द समाधान कराने की मांग की। लोगों ने सीवर व्यवस्था दुरुस्त करने, जलभराव खत्म करने और सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। इस मामले में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सतपाल सिंह ने कहा कि वार्ड-6 की सात नंबर गली में कुछ समय पहले सीवर की सफाई कराई गई थी।
सड़क निर्माण को लेकर टेंडर लगाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने फाइल गुम होने की बात को गलत बताया और कहा कि प्रयास किया जाएगा कि दीपावली से पहले गली में निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाए।
