फरीदाबाद । गांधी जयंती के अवसर पर फरीदाबाद जिले की सभी 100 पंचायतों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। दिनभर चली बैठकों में ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और गांवों की जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। ग्राम सभाओं में स्वच्छता, सड़क, पेयजल, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े विषयों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।

साथ ही पंचायत स्तर पर आगामी विकास कार्यों के लिए रोडमैप तैयार करने पर भी चर्चा हुई। तिगांव पंचायत में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शिखा ने भाग लिया। बैठक में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अनीता यादव, गांव के सरपंच विक्रम प्रताप सिंह नागर सहित पंचायत के पंच और ग्रामीण मौजूद रहे।
सीईओ शिखा ने ग्रामीणों को स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के प्रति जागरूक करते हुए गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का आह्वान किया। ग्रामीणों को सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फैलाने और कचरे के उचित प्रबंधन के लिए जागरूक किया गया तथा स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गांव का विकास केवल प्रशासन या पंचायत की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
ग्रामीणों से सड़क, पेयजल, जल निकासी, स्वच्छता और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं को लेकर सुझाव लिए गए। इसके आधार पर पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। ग्राम सभा के दौरान यह भी जानकारी जुटाई गई कि गांव में किन पात्र लोगों को अभी तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाया है।
लाभ नहीं मिलने के कारणों की जानकारी लेने के साथ परिवार पहचान पत्र से जुड़े कार्यों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया भी की गई। बैठक में गांव में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कार्यों की स्थिति और गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली तथा निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य किए जाने पर जोर दिया।
सीईओ शिखा ने कहा कि ग्राम सभा ग्रामीण लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव की समस्याओं, जरूरतों और विकास कार्यों की प्राथमिकताओं को सीधे सामने रख सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। गांधी जयंती पर आयोजित इन ग्राम सभाओं के माध्यम से पंचायतों में स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास की प्राथमिकताएं तय करने और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
