नई दिल्ली/चंडीगढ़ (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहर किए गए प्रदर्शन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को रोहतक में विरोध मार्च आयोजित किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता सुभाष चौक पर एकत्र हुए और वहां से अंबेडकर चौक होते हुए कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला।

मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस पर देश की छवि खराब करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को बाधित करने के आरोप लगाते हुए विभिन्न नारे लगाए। कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहुंचकर भाजपा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास के बाहर किया गया प्रदर्शन लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और इससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताया।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद के समय राहुल गांधी लंबे समय तक विदेश में रहे और संसद सत्र शुरू होने पर ही वापस लौटे। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी केवल राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार सक्रिय होते हैं और जनहित के मुद्दों पर लगातार मौजूद नहीं रहते।
पेपर लीक के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले भी कई बार प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई थीं, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने ऐसे मामलों में त्वरित कदम उठाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में परीक्षाएं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई गईं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की शिक्षा संबंधी नीतियों से विद्यार्थी संतुष्ट हैं और वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रखे हुए हैं। डॉ. अर्चना गुप्ता ने राहुल गांधी को “मौसमी नेता” बताते हुए आरोप लगाया कि वे केवल राजनीतिक अवसरों पर ही सक्रिय दिखाई देते हैं और युवाओं को गुमराह करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि देश का युवा अब जागरूक है और विकास, पारदर्शिता तथा सुशासन की राजनीति का समर्थन कर रहा है।
