फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। खेत में मूली की फसल तैयार होने के बाद किसान को बेहतर पैदावार और अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन मूली का आकार सामान्य से लगभग दोगुना होने के कारण उसे बाजार में उचित भाव नहीं मिल सका। परेशान किसान ने बीज कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया। मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने बीज निर्माता कंपनी को किसान को 50 हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया है।

₹300 प्रति पैकेट के हिसाब से खरीदे थे 8 पैकेट
मामला फरीदाबाद के गांव अरुआ निवासी किसान रामेश्वर से जुड़ा है। किसान ने 3 नवंबर 2023 को बल्लभगढ़ स्थित भारत बीज भंडार से मूली के एफ-1 हाइब्रिड एवोरी व्हाइट बीज के आठ पैकेट खरीदे थे। प्रत्येक पैकेट की कीमत 300 रुपये थी। किसान का आरोप था कि कंपनी के दावों के अनुरूप फसल की गुणवत्ता नहीं मिली। मूली का आकार असामान्य रूप से बड़ा होने के कारण उसे बाजार में अपेक्षित कीमत नहीं मिल सकी।
इसके बाद किसान ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए दो लाख रुपये मुआवजे, मानसिक परेशानी के लिए एक लाख रुपये और मुकदमे के खर्च के रूप में 22 हजार रुपये देने की मांग की।
सर्वे रिपोर्ट में सामने आया मूली का असामान्य आकार
मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत सर्वे रिपोर्ट में मूली के पौधों की लंबाई 60 से 100 सेंटीमीटर, जड़ों की लंबाई 40 से 50 सेंटीमीटर और मोटाई आठ से 10 सेंटीमीटर दर्ज की गई। आयोग ने उपलब्ध रिपोर्ट और तथ्यों पर विचार करते हुए माना कि मूली का आकार सामान्य बाजार में बिकने वाली मूली की तुलना में लगभग दोगुना था। इसके कारण फसल की बिक्री और मिलने वाले बाजार भाव पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात सामने आई।
बीज कंपनी को 30 दिन में देना होगा ₹50 हजार
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर बीज की गुणवत्ता में कमी की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर बीज निर्माता कंपनी टाइकून सीडटेक प्राइवेट लिमिटेड को किसान को 50 हजार रुपये का एकमुश्त भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
आदेश के मुताबिक, कंपनी को आदेश की प्रति प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर यह राशि चुकानी होगी।
हालांकि, आयोग ने किसान की ओर से मांगे गए मुकदमे के खर्च के लिए अलग से कोई राशि देने का आदेश नहीं दिया।
