होडल में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत निकाला पैदल मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका
पलवल,। कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को पलवल जिले के होडल-हसनपुर क्षेत्र में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत पैदल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। डॉ. अंबेडकर भवन से होडल एसडीएम कार्यालय तक निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इस दौरान सांसद ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित इंडिया गठबंधन की महारैली की तैयारियों की भी समीक्षा की।

दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर आयोजित इस रैली का उद्देश्य लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए आवाज उठाना है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में भाजपा ने चुनाव आयोग की मिलीभगत से वोटों में धांधली कर सत्ता हासिल की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती थी, लेकिन चुनाव परिणामों में जनभावनाओं को प्रतिबिंबित नहीं होने दिया गया।
सांसद ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में शामिल होने के लिए हरियाणा में बड़े स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रैली में पहुंचने की अपील करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है।
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
दीपेन्द्र हुड्डा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने 90 में से 75 सीटों पर पोस्टल बैलेट की गिनती में बढ़त हासिल की थी, जबकि अंतिम परिणामों में भाजपा ने सरकार बनाई। उन्होंने दावा किया कि करीब तीन करोड़ की आबादी वाले हरियाणा में दोनों प्रमुख दलों के बीच मतों का अंतर लगभग 14 हजार रहा।
उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों को लेकर अन्य चुनाव आयुक्तों की असहमति का भी उल्लेख किया। हुड्डा ने आरोप लगाया कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता से किए गए चुनावी वादों को पूरा करने में विफल रही है। उनके अनुसार, यदि सरकार ने जनता का विश्वास जीतकर सत्ता हासिल की होती, तो वह अपने वादों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम करती।
बिजली व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना
सांसद ने हरियाणा की बिजली व्यवस्था और गुरुग्राम में बिजली वितरण से जुड़ी व्यवस्था को लेकर भी प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गुरुग्राम की बिजली आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्था एक निजी कंपनी को सौंप दी, जबकि यह क्षेत्र बिजली विभाग के लिए अधिक राजस्व देने वाले क्षेत्रों में शामिल है। हुड्डा ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री से इस मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार ने बिजली व्यवस्था निजी कंपनी को नहीं सौंपी, तो गुरुग्राम की बिजली व्यवस्था से जुड़े फैसले किसके स्तर पर लिए गए।
एमएसपी और धान खरीद के मुद्दे पर भी घेरा
दीपेन्द्र हुड्डा ने फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद को लेकर भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंजाब में 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद की बात कर रहे हैं, जबकि हरियाणा में किसानों को धान और बाजरे की खरीद में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजरे की घोषित एमएसपी पर किसानों को कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, धान की खरीद में भी किसानों को अपेक्षित मूल्य नहीं मिल रहा है। हुड्डा ने कहा कि किसानों से किए गए चुनावी वादों को पूरा किया जाना चाहिए और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लिया हिस्सा
पैदल मार्च और विरोध प्रदर्शन में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष चौधरी उदयभान, विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया, पलवल जिला कांग्रेस अध्यक्ष नेत्रपाल अधाना, होडल ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रिंस सरौत और हसनपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विनोद बैसला सहित कई नेता मौजूद रहे। इसके अलावा तिगांव से कांग्रेस प्रत्याशी रहे रोहित नागर, महिला कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई के पदाधिकारियों सहित स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
