फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग आईआईटी रुड़की के साथ अनुसंधान सहयोग के लिए एमओयू साइन करेगा। साथ ही अगले सत्र से स्मार्ट सिटी सहित प्रदेश के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 14 नए डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे छात्रों को भविष्य में रोजगार परक बनाया जा सकेगा।

जिले में सेक्टर-8 स्थित महिला पॉलिटेक्निक, तिगांव रोड स्थित राजा जैत सिंह सहित तीन सरकारी पॉलिटेक्निक हैं, जिनमें महिला पॉलिटेक्निक प्रमुख है।जिनमें हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा लेती हैं। इन संस्थानों में नए कोर्स लागू किए जाएंगे। यहां साइबर फोरेंसिक एंड इन्फार्मेशन सिक्योरिटी जैसे आधुनिक कोर्स शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा अन्य दो सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में भी तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नए पाठ्यक्रम लागू किए जाने की तैयारी है।
जिससे छात्रों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा और सेना व तकनीकी क्षेत्रों में करियर के नए रास्ते खुलेंगे।
विभाग का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को उभरते क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है।
—
ये कोर्स होंगे शुरू
नए शुरू होने वाले प्रमुख कोर्स में आर्टिफिसर ट्रेनिंग-इलेक्ट्रिक, प्लास्टिक टेक्नोलॉजी, साइबर फोरेंसिक एंड इन्फार्मेशन सिक्योरिटी, शुगर टेक्नोलॉजी और अपैरल डिजाइन एंड फैशन टेक्नोलॉजी शामिल हैं। आर्टिफिसर ट्रेनिंग-इलेक्ट्रिक कोर्स भारतीय नौसेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए उपयोगी होगा। इससे तकनीकी पदों पर नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।
—
नए कोर्सों से यह होगा लाभ
प्लास्टिक टेक्नोलॉजी कोर्स में प्लास्टिक सामग्री के डिजाइन, निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और रीसाइक्लिंग से जुड़ी तकनीकों की पढ़ाई कराई जाएगी। इससे ऑटोमोबाइल, पैकेजिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में रोजगार के अवसर खुलेंगे। साइबर फोरेंसिक एंड इन्फार्मेशन सिक्योरिटी कोर्स डिजिटल अपराधों की जांच, साइबर हमलों से सुरक्षा और डेटा विश्लेषण जैसे विषयों पर केंद्रित रहेगा, जो वर्तमान समय की सबसे अधिक मांग वाली स्किल्स में शामिल हैं।
इसके अलावा परिधान डिजाइन व फैशन प्रौद्योगिकी कोर्स के जरिए छात्रों को फैशन इंडस्ट्री में डिजाइनिंग से लेकर उत्पादन तक की तकनीकी समझ दी जाएगी। शुगर टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स कृषि आधारित उद्योगों से जुड़े युवाओं के लिए लाभकारी साबित होंगे। तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि आईआईटी रुड़की के साथ होने वाले एमओयू से अनुसंधान, पाठ्यक्रम विकास और फैकल्टी ट्रेनिंग में सहयोग मिलेगा।