उत्तर भारत में बढ़ती गर्मी और लू का खतरा, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी

पलवल, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। जिला पलवल में तापमान में लगातार बढ़ोतरी के साथ लू का प्रभाव तेज़ी से महसूस किया जा रहा है। इसके साथ ही सूखी मिट्टी और फसल अवशेषों के महीन कणों के कारण वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों से अपील की है कि वे बदलते मौसम को देखते हुए सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे लू चलने की संभावना बढ़ गई है। दोपहर के समय गर्म हवाओं के कारण बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेष और सूखी मिट्टी हवा में मिलकर प्रदूषण बढ़ा रहे हैं, जो श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। इससे दमा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों को अधिक परेशानी हो सकती है।

स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां : उपायुक्त

उपायुक्त ने नागरिकों को सलाह दी कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों में ही रहें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो सिर को कपड़े या टोपी से ढकें और धूप से बचाव करें। अधिक मात्रा में पानी, छाछ, लस्सी और नींबू पानी का सेवन करें। हल्के और सूती कपड़े पहनें तथा धूल भरे क्षेत्रों में मास्क का उपयोग करें।
उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

प्रदूषण नियंत्रण में जन सहयोग जरूरी : सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने कहा कि फसल अवशेष या कचरे को खुले में जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, इसलिए ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाएं। प्रशासन द्वारा स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।

एक्सपर्ट व्यू : सावधानी ही सर्वोत्तम बचाव : उप सिविल सर्जन

उप सिविल सर्जन डॉ. रामेश्वरी ने बताया कि इस मौसम में दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूल और गर्म हवाओं से बचना बेहद जरूरी है। अधिक गर्मी और प्रदूषण के कारण डिहाइड्रेशन, थकान, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि नियमित रूप से पानी पीते रहें, बाहर निकलते समय मास्क या कपड़े से नाक-मुंह ढकें और घर लौटने पर हाथ-मुंह साफ करें। दमा और एलर्जी के मरीज अपनी दवाएं नियमित लें और परेशानी होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

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Author: Prime Haryana

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