रोहतक (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (संबंधित सर्व कर्मचारी संघ) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज रोहतक डिपो में यूनियन के आह्वान पर सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक कर्मचारियों ने भूख हड़ताल कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता डिपो प्रधान नरेश सिवाच ने की।

सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप राज्य महासचिव सुमेर सिवाच और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि 22 मई 2025 को महानिदेशक के साथ हुई बैठक में कई अहम मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
प्रमुख मांगें जो अब तक अधूरी हैं:
चालकों, परिचालकों और लिपिकों का पे-ग्रेड बढ़ाया जाए।
2004 से पहले भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से पक्का कर पुरानी पेंशन (OPS) का लाभ मिले।
कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत लगे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और बकाया वेतन मिले।
11 साल के बकाया बोनस का तुरंत भुगतान हो।
विभाग में निजीकरण बंद कर 10 हजार नई सरकारी बसें शामिल की जाएं।
प्रमोशन और एसीपी (ACP) विसंगतियों को दूर किया जाए।
बड़ा आंदोलन: 18 जनवरी और 12 फरवरी को होगा प्रदर्शन यूनियन ने सरकार को सख्त चेतावनी दी है। नेताओं ने कहा कि यदि परिवहन मंत्री ने जल्द बातचीत नहीं की, तो 18 जनवरी 2026 को परिवहन मंत्री के कैंप कार्यालय पर भारी संख्या में कर्मचारी प्रदर्शन (मास डेपुटेशन) करेंगे। इसके बावजूद समाधान नहीं निकला, तो 12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में हरियाणा रोडवेज का भी पूर्ण ‘चक्का जाम’ रहेगा।
आज की भूख हड़ताल में रोहतक के अलावा नारनौल, चंडीगढ़ और कैथल डिपो पर भी प्रदर्शन सफल रहा। इस मौके पर जयकुंवार दहिया, सतबीर मुंडाल, विजय माजरा समेत सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।