हिसार, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। सहकार भारती के स्थापना दिवस के उपलक्ष में आज दिनांक 17.01.2026 को प्रातः 02.00 बजे एक सहकार संगोष्ठी का आयोजन पवन कुमार जिला अध्यक्ष सहकार भारती हिसार की अध्यक्षता में पैक्स कार्यालय बरवाला में किया गया, जिसमें विभिन्न सहकारी संस्थाओं अध्यक्ष समितियां, एम – पैक्स तथा सीएम – पैक्स, कर्मचारियों और समितियों के संचालक मंडल के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

महामंत्री अनिल पूनिया बयाना खेड़ा मंच संचालन किया और संगोष्ठी को संबोधित करते हुए सभी आए हुए सहकार बन्दुओं का फूलमालाओं के साथ स्वागत किया। अमरीक सिंह पाली उपाध्यक्ष अशोक कुमार खोखर जिला संगठन प्रमुख जितेंद्र सेठी सेवानिवृत्ति जेल सुपरिंटेंडेंट व सुरजीत सिंह विभाग संगठन प्रमुख हनुमान गोदारा प्रांत प्रमुख (पैक्स प्रकोष्ठ) सहकार भारती हरियाणा ने अपने विचार रखें।
स्थापना दिवस की बधाई देते हुए बताया कि सहकार से समृद्धि के आंदोलन को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन करके पूरे देश की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के कंप्यूटीकरण का निर्णय लिया है। पैक्सों को बहुउद्देशीय गतिविधि संचालित करने के लिए कार्य के अवसर प्रदान किए हैं तथा नई सहकार नीति 2025 जारी की है।
उन्होंने आगे कहा कि सहकार भारती हरियाणा ने भी राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में भी केंद्र की तर्ज पर राज्य की सहकार नीति बनाई जावे तथा सरकारों की गलत नीतियों के कारण प्रदेश की पैक्सो में लगभग 8.50 हजार करोड रुपए का जो ऋण असंतुलन हो चुका है उसकी भरपाई के लिए कोई ठोस योजना बनाएं इसके साथ-साथ इनमें कार्यरत कर्मचारियों के कल्याण के लिए भी सरकार को कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि केंद्र की योजना अनुसार प्रदेश में लगभग 1700 नई पैक्स का गठन किया जाना था उसे नहीं किया गया। तथा अब तक लगभग 300 सीएम पैक्स समितियों का गठन किया जा चुका है। इसके लिए भी सरकार और सहकारिता विभाग ने कोई ठोस कार्य आवंटन नीति नहीं बनाई है सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने अभी हाल ही में लंबे समय से अतिदेय किसानों को ऋण माफी देने की योजना से एक स्कीम की घोषणा की है किंतु बड़े खेद का विषय है कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा की स्वीकृति अभी तक वित्त विभाग द्वारा नहीं दी गई है जबकि वित्त मंत्री का कार्यभार भी मुख्यमंत्री जी के पास है तथा जो पॉलिसी जारी की गई है उसमें लगाई गई शर्तों के कारण किसानों को कोई बड़ा लाभ नहीं मिलने वाला