कंट्रोल रूम विस्तार और नए 11 केवी पैनल होंगे स्थापित
सेक्टर-58, बदरौला, धौज समेत कई सब-स्टेशनों का होगा विस्तार
पुराने मैन्युअल सिस्टम हटाकर लगेंगे आधुनिक मोटराइज्ड उपकरण
फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को और मजबूत, सुरक्षित व भरोसेमंद बनाने के लिए हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) ने बड़े स्तर पर परियोजनाएं शुरू करने की योजना बनाई है। इन योजनाओं के तहत पुराने और मैन्युअल सिस्टम को हटाकर आधुनिक मोटराइज्ड उपकरण लगाए जाएंगे, साथ ही कई सब-स्टेशनों की क्षमता बढ़ाई जाएगी।

बीबीएमबी बल्लभगढ़ स्थित 220 केवी सब-स्टेशन में पुराने और अप्रचलित मैन्युअल ऑपरेटेड आइसोलेटर बदले जाएंगे। यहां 220 केवी के दो और 66 केवी के 17 पुराने आइसोलेटर हटाकर नए मोटराइज्ड आइसोलेटर लगाए जाएंगे, जिससे संचालन आसान होगा और फॉल्ट की स्थिति में तेजी से नियंत्रण संभव हो सकेगा।
सेक्टर-58 फरीदाबाद स्थित 220 केवी सब-स्टेशन का भी विस्तार किया जाएगा। यहां मौजूदा (2×160) एमवीए, 220/66 केवी और (2×25/31.5) एमवीए, 66/11 केवी ट्रांसफार्मर क्षमता को बढ़ाकर (3×25/31.5) एमवीए किया जाएगा। इसके साथ कंट्रोल रूम का विस्तार और नए 11 केवी पैनल सेट लगाए जाएंगे।
बदरौला और धौज के 66 केवी सब-स्टेशनों में भी क्षमता वृद्धि की जाएगी। बदरौला में ट्रांसफार्मर क्षमता (2×25/31.5) एमवीए से बढ़ाकर (3×25/31.5) एमवीए की जाएगी। वहीं धौज सब-स्टेशन में दो चरणों में 66/11 केवी ट्रांसफार्मरों का उन्नयन और कंट्रोल रूम भवन का विस्तार किया जाएगा।
इसके अलावा, फरीदाबाद के ए-2 सब-स्टेशन पर 1×25/31.5 एमवीए का स्टैंडबाय ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा, जिससे आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित न हो। भूपानी सब-स्टेशन में 66 केवी का नया इनकमिंग बे बनाया जाएगा, ताकि मौजूदा टी-ऑफ लाइन को बेहतर ढंग से जोड़ा जा सके।
पाली और पल्ला स्थित 220 केवी सब-स्टेशनों में भी ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाई जाएगी। पाली में 66/11 केवी ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाकर चार की जाएगी, जबकि पल्ला सब-स्टेशन में 220/66 केवी ट्रांसफार्मरों की क्षमता का पुनर्संतुलन किया जाएगा।
इसी तरह प्रताप स्टील, एस्कॉर्ट्स-II और डबवाली जैसे सब-स्टेशनों में नए लाइन बे, बसबार सिस्टम में बदलाव और पैनल रिप्लेसमेंट जैसे कार्य किए जाएंगे। सिरसा जिले के डिंग सब-स्टेशन में भी 132 केवी स्तर पर ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाई जाएगी।
