सूरजकुंड दिवाली मेले में फीकी पड़ी रौनक, खरीदारों का इंतजार कर रहे शिल्पकारों की बढ़ी चिंता

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। सूरजकुंड में आयोजित दिवाली मेले में दूसरे दिन भी दर्शकों की कम संख्या देखने को मिली। उम्मीद थी कि मेले के दूसरे दिन लोगों की भीड़ बढ़ेगी और हस्तशिल्पियों व स्टॉल संचालकों को अच्छी बिक्री का मौका मिलेगा, लेकिन परिसर में कम चहल-पहल ने उनकी चिंता बढ़ा दी। मुख्य चौपाल की आधे से अधिक कुर्सियां खाली रहीं, जबकि कई शिल्पकार ग्राहकों के इंतजार में बैठे नजर आए।

स्टॉल संचालकों को आशंका है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो उनके लिए स्टॉल का किराया और अन्य खर्च निकालना भी मुश्किल हो सकता है। सूरजकुंड में 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित दिवाली मेले का उद्घाटन शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था। इस अवसर पर पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे।

आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस मेले में देश के विभिन्न राज्यों से कलाकार, शिल्पकार और कारीगर पहुंचे हैं। सरकार और पर्यटन विभाग की ओर से यह आयोजन तीसरी बार किया गया है, ताकि पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े लोगों को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने का मंच मिल सके।

हालांकि, मेले में प्रवेश निशुल्क होने के बावजूद दर्शकों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। इसका असर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ स्टॉल संचालकों के कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है। मेले की मुख्य चौपाल पर हरियाणा सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकार लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियां दे रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और समृद्ध विरासत की झलक देखने को मिल रही है।

लेकिन प्रस्तुतियों का आनंद लेने के लिए दर्शकों की पर्याप्त मौजूदगी नहीं दिखाई दी। शनिवार को मुख्य चौपाल पर बिजली कटौती ने भी कलाकारों की परेशानी बढ़ा दी। दोपहर करीब 12 बजे हरियाणा की धाकड़ छोरियां प्रस्तुति दे रही थीं, तभी अचानक संगीत बंद हो गया। इसके चलते कलाकारों को अपना नृत्य बीच में रोकना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण प्रस्तुति के दौरान दोबारा भी परेशानी हुई।

मेले में बीन और नगाड़ा बजाने वाले कलाकार भी दर्शकों की कमी के चलते खाली बैठे दिखाई दिए। पारंपरिक धुनों पर अक्सर लोग थिरकने लगते हैं, लेकिन इस बार कलाकारों को वैसी प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है, जैसी उन्हें उम्मीद थी। बंचारी से पहुंचे धर्मेंद्र नगाड़ा पार्टी के सदस्य धर्मेंद्र ने बताया कि मेले में अभी तक दर्शकों की प्रतिक्रिया उत्साहजनक नहीं रही है। हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि रविवार को अधिक संख्या में लोग मेले में पहुंचेंगे।

मेले में स्टॉल लगाने वाले कारोबारियों और हस्तशिल्पियों को दिवाली के अवसर पर अच्छी बिक्री की उम्मीद थी। उन्हें भरोसा था कि त्योहार के दौरान लोग सजावटी सामान, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों की खरीदारी करेंगे। लेकिन कम ग्राहक पहुंचने के कारण कारोबार की रफ्तार धीमी बनी हुई है। स्टॉल संचालक सोनिया के मुताबिक, अब तक खरीदारी काफी कमजोर रही है।

उन्होंने बताया कि दिवाली के मौके पर अच्छी बिक्री की उम्मीद के साथ स्टॉल लगाया था, लेकिन मौजूदा स्थिति में खर्च निकालना भी मुश्किल लग रहा है। वहीं, स्टॉल संचालक श्लोक ने कहा कि उन्होंने भी त्योहार के दौरान अच्छी बिक्री की उम्मीद में सामान तैयार किया था। उनका कहना है कि जब तक लोग स्टॉल तक नहीं पहुंचेंगे, तब तक खरीदारी बढ़ना मुश्किल है। फिलहाल कारोबार उम्मीद के अनुरूप नहीं हो पाया है।

अब शिल्पकारों और स्टॉल संचालकों की निगाहें रविवार को होने वाली संभावित भीड़ पर टिकी हैं। उन्हें उम्मीद है कि छुट्टी के दिन अधिक लोग मेले में पहुंचेंगे, जिससे बिक्री बढ़ेगी और उन्हें राहत मिल सकेगी।

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top