रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए रोहतक जिला प्रशासन ने बिजली निगम कार्यालयों और अन्य सरकारी परिसरों की सुरक्षा के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जिलाधीश सतबीर सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संबंधित परिसरों के 200 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन और विरोध गतिविधियों पर रोक लगाई है।

प्रशासन के अनुसार, इन आदेशों का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बिजली सेवाओं का संचालन सुचारू बनाए रखना है।
पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध
जारी आदेशों के अनुसार, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के कार्यालयों तथा जिले के अन्य सरकारी परिसरों के 200 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन, विरोध सभा, जुलूस, मार्च, नारेबाजी और धरना स्थल बनाने जैसी गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, इस दायरे में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।
सरकारी कामकाज में बाधा डालने पर कार्रवाई
आदेशों में सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच बाधित करने, बिजली निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही में हस्तक्षेप करने तथा सरकारी कामकाज में रुकावट पैदा करने वाली गतिविधियों को प्रतिबंधित किया गया है। संबंधित क्षेत्रों में हथियार, गोला-बारूद, लाठी-डंडे, धारदार हथियार और ज्वलनशील सामग्री लेकर चलने पर भी रोक रहेगी। हालांकि, म्यानबंद कृपाण को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।
पुलिस को निगरानी और सुरक्षा के निर्देश
जिलाधीश ने पुलिस अधीक्षक, रोहतक को संबंधित क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, नियमित गश्त करने और लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। आदेशों का उल्लंघन कर लगाए गए धरना स्थलों, बैरिकेडिंग, मंच, लाउडस्पीकर और अन्य प्रदर्शन सामग्री को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। आदेशों में पुलिसकर्मियों, सशस्त्र बलों, होमगार्ड, ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों और सक्षम प्राधिकारी द्वारा विशेष रूप से अधिकृत व्यक्तियों को छूट दी गई है।
उल्लंघन करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिलाधीश सतबीर सिंह के अनुसार, कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के कारण बिजली सेवाएं प्रभावित होने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने और सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में व्यवधान की आशंका को देखते हुए ये आदेश जारी किए गए हैं। आदेश सभी संबंधित व्यक्तियों, संगठनों, यूनियनों और समूहों पर लागू होंगे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 सहित अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
