ईडी की छापेमारी: कांग्रेस के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्र प्रताप के घर पर कार्रवाई

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने पीयूष बिल्डर के साथ मिलकर करोड़ों की गड़बड़ी की आशंका को लेकर पूर्व मंत्री महेंद्र प्रताप के घर और कार्यालय पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान घर के भीतर और कार्यालय में रखे दस्तावेजों, कंप्यूटर, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को जांच के लिए जब्त कर लिया गया, जिससे वह उनके डाटा को रिलीट न कर सके। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पैरामिलिट्री फोर्स के साथ चार टीमें तैनात रही। वहीं देर शाम तक टीम की कार्रवाई जारी रही।

AI-generated image: ED raids former Congress cabinet minister Mahendra Pratap’s house

ईडी की टीम सुबह सात बजे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह के सैनिक कॉलोनी आवास पर पहुंची। इस दौरान 17 सदस्यीय टीम पहुंचते ही पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे कांग्रेस पार्टी के नेताओं और उनके समर्थकों के साथ आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई फरीदाबाद, दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक साथ की गई है।

बताया जा रहा है कि छापेमारी पीयूष बिल्डर के साथ मिलकर कथित तौर पर की गई करोड़ों रुपये की वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़ी है। जांच एजेंसी को आशंका है कि ग्रेटर फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश में चल रहे कुछ बिल्डर प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं किए गए और एक प्रोजेक्ट का पैसा दूसरे प्रोजेक्टों में लगाया गया, जिससे निवेशकों और आम लोगों को समय पर उनके आशियाने नहीं मिल सके।

पुलिस छावनी में तबदील हुआ मंत्री का घर
छापेमारी के दौरान पूर्व मंत्री के आवास के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ के जवान तैनात रहे और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। आवास में केवल पूर्व मंत्री और उनके पारिवारिक सदस्य ही मौजूद रहे। जब कार्रवाई के दौरान उनके बेटे विवेक प्रताप गेट से बाहर निकले, तो सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें मीडिया से बातचीत करने से रोक दिया, जिसको लेकर कुछ देर के लिए धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी।

12 घंटे तक जारी रही जांच कार्रवाई
ईडी की टीम ने घर और कार्यालय दोनों जगहों से रिकॉर्ड खंगालते हुए 12 घंटों तक पूछताछ की। हालांकि देर शाम तक एजेंसी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। सूत्रों का कहना है कि यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित हो सकती है। जांच के दायरे में कुछ अन्य रियल एस्टेट प्रोजेक्ट और लेन-देन भी शामिल बताए जा रहे हैं।

पांच बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके महेंद्र प्रताप
चौधरी महेंद्र प्रताप सिंह हरियाणा कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। वे फरीदाबाद जिले के नवादा कोह गांव के रहने वाले हैं और अब तक पांच बार विधायक और दो बार राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। हाल ही में 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने फरीदाबाद सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था और भाजपा उम्मीदवार कृष्णपाल गुर्जर को कड़ी टक्कर दी थी। उनके बेटे विजय प्रताप भी कांग्रेस की टिकट पर बड़खल विधानसभा सीट से 2019 और 2024 में चुनाव लड़ चुके हैं।

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Author: Prime Haryana

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