ठंड से बचने के चक्कर में कमरे में अंगीठी जलाकर ना सोएं, जान का खतरा हो सकता है

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। जिला प्रसाशन ने रोहतक में कमरे में रखी अंगीठी से मृत्यु की घटना सहित ऐसी अन्य घटनाओं से सबक लेते हुए सावधानी बरतने का आह्वान किया है। नागरिकों से आह्वान किया है कि वे ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर ना सोऐं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सर्दी में अंगीठी, हीटर सहित अन्य उपकरणों का प्रयोग अत्यंत सावधानी और समझदारी पूर्वक करना अत्यंत आवश्यक है।

उपायुक्त ने बताया कि सर्दियों में लोग अक्सर नहाने के लिए गैस गीजर तथा कमरे को गर्म रखने के लिए रूम हीटर या कोयले की अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं और ठंड से बचने के लिए कमरे को पूरी तरह बंद कर लेते हैं। यह आदत अत्यंत खतरनाक है। बंद कमरे में हवा का संचार रुकने से ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड (सीओ गैस) का स्तर बढ़ने लगता है। यह गैस बिना रंग, बिना गंध और बिना आवाज की होती है, जिससे व्यक्ति को इसका आभास तक नहीं होता और वह धीरे-धीरे बेहोश होकर दम घुटने से मृत्यु का शिकार हो सकता है।

डीसी ने विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि गैस गीजर को कभी भी बंद बाथरूम में न चलाएं। यदि कमरे में हीटर, अंगीठी या कोई भी जलने वाला उपकरण प्रयोग में लाया जा रहा हो तो पर्याप्त वेंटिलेशन अवश्य रखें। सोते समय कमरे में कोयले या अंगारों को जलता हुआ छोड़ना बेहद खतरनाक है। यदि किसी को चक्कर आना, सिरदर्द, घबराहट या उलझन जैसी समस्या महसूस हो, तो तुरंत कमरे के दरवाजे-खिड़कियां खोलें और ताज़ी हवा में बाहर निकलें। समय रहते लिया गया यह कदम जान बचा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि सर्दियों में सुरक्षा नियमों का पालन करें और थोड़ी-सी सावधानी बरतकर स्वयं तथा अपने परिवार को सुरक्षित रखें।

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top