फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। तिगांव अपनी वर्षों पुरानी दंगल परंपरा को लेकर विवाद के दौर से गुजर रहा है। तिगांव के इतिहास में पहली बार ऐसी स्थिति बनी है कि एक ही गांव की दो अलग-अलग ग्राम पंचायतें हरियाली तीज के अवसर पर अलग-अलग स्थानों पर ऐतिहासिक दंगल आयोजित कराने की तैयारी में जुटी हैं। इस वर्ष हरियाली तीज 15 अगस्त को मनाई जाएगी और दोनों पंचायतें उसी दिन अपने-अपने स्तर पर अखाड़ा सजाने की घोषणा कर चुकी हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, अब तक हर वर्ष पूरे गांव की ओर से एक ही स्थान पर सामूहिक रूप से दंगल आयोजित किया जाता था। इस आयोजन में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में पहलवान और दर्शक हिस्सा लेते थे। लेकिन इस बार दंगल के आयोजन स्थल को लेकर मतभेद गहरा गया है। दोनों पंचायतों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई सहमति नहीं बन सकी। बृहस्पतिवार को करीब चार घंटे तक चली पंचायत भी बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई।
गांव के बुजुर्गों और सामाजिक लोगों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी पंचायत अपने प्रस्ताव से पीछे हटने को तैयार नहीं हुई। यदि विवाद नहीं सुलझा तो पहली बार एक ही गांव में एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर दंगल आयोजित होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह दंगल केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि गांव की एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक रहा है।
उनका मानना है कि दो अलग-अलग दंगल होने से न केवल वर्षों पुरानी परंपरा प्रभावित होगी, बल्कि गांव की छवि पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि समय रहते दोनों पक्ष सहमति बनाकर इस ऐतिहासिक परंपरा को बरकरार रखेंगे। तिगांव अधाना ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि वेद प्रकाश अधाना का कहना है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में अब पहले जैसी पर्याप्त जगह नहीं बची है।
दंगल के दौरान मुख्य सड़क पर जाम की स्थिति बन जाती है। उनका कहना है कि गांव का स्टेडियम खेल गतिविधियों के लिए बनाया गया है और यह पूरे गांव की संपत्ति है, किसी एक पंचायत की नहीं। उनके अनुसार अधिकांश ग्रामीण भी स्टेडियम में दंगल कराने के पक्ष में हैं और इसी कारण वहां 15 अगस्त को आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि पिछली बार भी दंगल स्टेडियम में आयोजित किया गया था।
वहीं तिगांव ग्राम पंचायत के सरपंच विक्रम प्रताप सिंह का कहना है कि स्टेडियम गांव से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है और वहां सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना कठिन हो जाता है। उनका कहना है कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में पर्याप्त जगह और पारंपरिक माहौल उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर अनाज मंडी को भी वैकल्पिक स्थल के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस पूरे मामले पर हरियाणा सरकार में राज्य मंत्री राजेश नागर ने कहा कि उन्हें अभी इस विवाद की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि दोनों सरपंचों से बातचीत कर एक ही स्थान पर दंगल कराने की सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि सदियों से चली आ रही इस पारंपरिक दंगल की परंपरा एक ही स्थान पर जारी रहनी चाहिए, ताकि गांव में आपसी सौहार्द और एकता बनी रहे।
