लाहौर, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। पाकिस्तान के लाहौर में दो विदेशी महिलाओं के कथित अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में नया खुलासा हुआ है। लाहौर के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) ऑपरेशंस फैसल कमरान ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले के एक आरोपी का संबंध पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार के परिवार से होने की जानकारी मिली है।

इसके बावजूद सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आरोपी के साथ किसी भी अन्य अपराधी की तरह कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। पुलिस के अनुसार पीड़ित दोनों विदेशी महिलाएं **नीदरलैंड** और **वेनेज़ुएला** की नागरिक हैं। दोनों पाकिस्तान घूमने आई थीं। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बरामद करने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई और 3 जुलाई को उन्हें उनके देशों के लिए रवाना कर दिया।
डीआईजी ने बताया कि महिलाओं की तलाश के लिए सरगोधा सहित कई स्थानों पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान पता चला कि मुख्य आरोपी मोहम्मद रजा डार का संबंध इशाक डार के परिवार से हो सकता है। जानकारी की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उसका मोबाइल नंबर ट्रेस किया और उसकी लोकेशन का पता लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश मिले थे कि आरोपी को किसी भी प्रकार की विशेष रियायत न दी जाए।
फैसल कमरान ने बताया कि जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस घटना के पीछे किसी एक व्यक्ति के बजाय एक संगठित आपराधिक गिरोह भी सक्रिय हो सकता है। वहीं, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने भी मामले में पूरी निष्पक्षता के साथ कार्रवाई करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने बताया की आरोपी महिलाओं को एयरपोर्ट ले जाने का बहाना बनाकर कार में ले जा रहा था, लेकिन जब वाहन एयरपोर्ट की बजाय भट्टा चौक की ओर मुड़ा तो महिलाओं को शक हो गया। इसी दौरान कार एक अन्य वाहन से टकरा गई। हादसे का फायदा उठाकर दोनों महिलाएं कार से निकलकर पास की एक दुकान में पहुंच गईं और मदद मांगी।
डीआईजी ने बताया कि इस दौरान एक महिला अपने पिता कार्लोस से व्हाट्सएप के जरिए लगातार संपर्क में थी। उनके पिता पहले से ही पुलिस अधिकारियों से जुड़े हुए थे। महिलाओं की लोकेशन मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर उन्हें सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। बाद में सेफ सिटी सिस्टम और मोबाइल लोकेशन की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीआईजी ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं की मेडिकल जांच उनकी सहमति और संबंधित दूतावासों की मदद से कराई गई। उन्होंने बताया कि निर्धारित उड़ान के कारण महिलाएं बयान दर्ज कराने में हिचकिचा रही थीं, लेकिन पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई और बाद में उन्हें सुरक्षित रवाना किया।
डीआईजी ने एक अन्य विवादित घटना पर भी माफी मांगी, जिसमें एक थाना प्रभारी बयान दर्ज कराने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सरकारी आवास में बिना अनुमति प्रवेश कर गया था। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि संबंधित एसएचओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पत्रकारों के तीखे सवालों के बीच प्रेस वार्ता समाप्त हो गई।
न्यूज़ सोर्स: डॉन न्यूज़ पेपर