कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में गीता ज्ञान संस्थानम, कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 के आयोजन को लेकर धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में महोत्सव के सफल आयोजन, अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करने तथा देश-विदेश तक गीता के संदेश को पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने महोत्सव को लेकर अपने सुझाव मुख्यमंत्री के समक्ष रखे। प्रतिनिधियों ने महोत्सव में धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और व्यापक बनाने, युवाओं तथा विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने और विभिन्न सामाजिक संगठनों को आयोजन से जोड़ने संबंधी सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की कर्म, ज्ञान और धर्म की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरती का संबंध श्रीमद्भगवद्गीता के उपदेश से है और इस ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं से आह्वान किया कि वे महोत्सव को सफल बनाने में भागीदारी निभाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी संस्थाओं के सहयोग और जनभागीदारी से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को भव्य, गरिमापूर्ण और व्यापक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। बैठक में महोत्सव के दौरान आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, गीता पाठ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संत-समागम, आध्यात्मिक कार्यक्रमों तथा सामाजिक गतिविधियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को कुरुक्षेत्र की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आयोजन से जुड़े विभागों एवं संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गीता का संदेश आज के समय में भी पूरी तरह प्रासंगिक है। श्रीमद्भगवद्गीता मनुष्य को कर्तव्य, कर्म, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से इस संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ विश्व स्तर पर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा को भी प्रस्तुत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि महोत्सव की तैयारियों में उपयोगी सुझावों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने सभी संस्थाओं से आपसी सहयोग और समन्वय के साथ आयोजन को सफल बनाने की अपील की। बैठक के दौरान उपस्थित प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को सफल बनाने के लिए धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं प्रशासन के साथ मिलकर सक्रिय भूमिका निभाएंगी।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2026 को लेकर हुई यह बैठक इस दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। महोत्सव के माध्यम से कुरुक्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने तथा गीता के सार्वभौमिक संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर रहेगा।
