पलवल, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। द सहकारी चीनी मिल पलवल परिसर में बुधवार को गन्ना किसानों और मिल के गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता शुगर मिल की प्रबंध निदेशक द्विजा ने की। बैठक में किसानों की समस्याओं, सुझावों और आगामी पेराई सत्र की तैयारियों को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

किसानों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश
प्रबंध निदेशक द्विजा ने गोष्ठी में किसानों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, गन्ना किसानों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने और उन्हें उन्नत खेती के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध करवाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करने के साथ-साथ गन्ने के क्षेत्रफल, उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना मिल की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। आगामी पेराई सत्र में गन्ने की गुणवत्ता, उत्पादन और रिकवरी में सुधार के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।
उन्नत तकनीक अपनाने के लिए किसानों को किया प्रेरित
गोष्ठी के दौरान गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाने तथा उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के उपायों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले बीज का चयन, संतुलित खाद एवं उर्वरकों का प्रयोग और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की जानकारी दी। किसानों ने भी अपने खेती संबंधी अनुभव साझा किए और गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए अपने सुझाव रखे। इस दौरान किसान समंदर सिंह, बाबू राम और देशराज सहित अन्य किसानों ने गन्ने की खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को प्रबंध निदेशक के समक्ष रखा।
किसानों को हरसंभव सहयोग का भरोसा
प्रबंध निदेशक द्विजा ने किसानों को आश्वस्त किया कि गन्ने की खेती से संबंधित समस्याओं के समाधान और उत्पादन बढ़ाने के लिए मिल प्रबंधन की ओर से हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। गोष्ठी में गन्ना विकास अधिकारी बिजेंद्र सिंह, गन्ना विपणन अधिकारी उदयबीर सिंह सहित मिल के संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने में सहयोग करें।
