पलवल, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो )। उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सडक़ दुर्घटना में अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से मृत्यु होने पर मृतक के आश्रितों को अविंलब मुआवजा राशि का भुगतान करवाएं। उन्होंने बताया कि हिट-एंड-रन दुर्घटना में व्यक्ति की मृत्यु होने पर पीडि़त परिवार को हिट-एंड-रन दुर्घटना मुआवजा स्कीम के तहत दो लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है।

इसके लिए पीडि़त परिवार को जिस व्यक्ति की मृत्यु हुई है उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट संबंधित एसडीएम कार्यालय में जमा करवानी आवश्यक होती है। हिट एंड रन मामले में मृत्यु हो जाने पर उसके पीडि़त परिवार को 2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल होने पर पीडि़त को इलाज के लिए 50 हजार रुपए तक की सहायता दी जाती है।
उन्होंने बताया कि हिट एंड रन मामले में सडक़ दुर्घटना के पीडि़तों में ऐसे मामले शामिल हैं, जिनमें घटना में शामिल गाड़ी चालक का पता नहीं चल पाता है, जिसमें अज्ञात चालक गाड़ी से पीडि़त को मारकर गाड़ी समेत भाग जाता है। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से ऐसे मामलों में किसी की मृत्यु हो जाने पर उसके पीडि़त परिवारों को 2 लाख रुपए और गंभीर रूप से जख्मी पीडि़त को इलाज के लिए 50 हजार रुपए तक दिए जाते हैं।
यह कागजात हैं जरूरी :
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने बताया कि ऐसे मामले में आवेदन करने के लिए थाना में दर्ज एफआईआर की प्रति, मृत्यु हुए व्यक्ति की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की प्रति, मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रति, पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र की प्रति, आश्रित के आधार कार्ड की प्रति, मृतक के आधार कार्ड की प्रति, मृतक का फोटो, आश्रित का फोटो, आश्रित के बैंक पासबुक की प्रति आवश्यक है।