फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। एक फरवरी को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स व्यवस्था को सरल और करदाता-अनुकूल बनाने पर जोर दिया है। इस बार बजट का फोकस टैक्स कानूनों को आसान बनाने, अनुपालन की प्रक्रिया को सुधारने और दंडात्मक प्रावधानों को युक्तिसंगत करने पर रहा।

बजट में घोषणा की गई है कि नया इनकम टैक्स एक्ट, 2025 एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसका उद्देश्य लंबे और जटिल टैक्स कानूनों को संक्षिप्त करना, भाषा को सरल बनाना और करदाताओं के लिए नियमों को समझना आसान करना है। सरकार का मानना है कि इससे टैक्स कंप्लायंस बढ़ेगा और अनावश्यक विवाद कम होंगे।
व्यक्तिगत आयकर स्लैब और टैक्स दरों में इस बजट में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है। पुराने और नए टैक्स रिजीम को पहले की तरह जारी रखा गया है। हालांकि, सरकार ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में टैक्स सिस्टम को और अधिक सरल और भरोसे-आधारित बनाया जाएगा।
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की बात कही गई है। फॉर्म्स को यूज़र-फ्रेंडली बनाया जाएगा, ताकि आम करदाता बिना विशेषज्ञ की मदद के भी रिटर्न दाखिल कर सकें। इसके साथ ही, छोटी-मोटी गलतियों पर सख्त सजा के बजाय जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
बजट में दंडात्मक प्रावधानों में भी राहत दी गई है। गंभीर मामलों को छोड़कर, टैक्स नियमों के मामूली उल्लंघन पर जेल की सजा के बजाय आर्थिक दंड पर जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, बजट 2026-27 में इनकम टैक्स को लेकर बड़े रेट-कट नहीं दिखे, लेकिन कानून को सरल बनाने और करदाताओं का बोझ कम करने की दिशा में अहम कदम उठाए गए हैं।