चंडीगढ़, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini द्वारा किसानों के हित में की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं पर प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि बागवानी फसलों की तर्ज पर शहद को भी भावांतर भरपाई योजना में शामिल करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही राम नगर कुरुक्षेत्र स्थित इंटीग्रेटेड बीकीपिंग डेवलपमेंट सेंटर को और मजबूत करने की योजना है।

इस केंद्र में शहद की बिक्री, भंडारण और गुणवत्ता परीक्षण की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार, रामनगर में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक क्वालिटी कंट्रोल लैब स्थापित करने की योजना है। साथ ही इस संस्थान को राष्ट्रीय स्तर के शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
मधुमक्खी पालन से बढ़ेगी किसानों की आय
सरकार का मानना है कि मधुमक्खी पालन किसानों के लिए अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है और इससे फसलों की उत्पादकता भी बढ़ती है। प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा दिए गए “स्वीट रिवोल्यूशन” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए हरियाणा में इस क्षेत्र को तेजी से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
2030 तक 15,500 मीट्रिक टन शहद उत्पादन का लक्ष्य
राज्य सरकार की बीकीपिंग पॉलिसी–2021 के तहत वर्ष 2030 तक 7,750 मधुमक्खी पालकों को तैयार करने और 15,500 मीट्रिक टन शहद उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को मधुमक्खी बॉक्स, कॉलोनी और उपकरणों पर 85 प्रतिशत तक सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है।
बागवानी क्षेत्र में भी बढ़ोतरी
प्रदेश में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देते हुए बागवानी क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 में राज्य में बागवानी का क्षेत्रफल 1.17 लाख एकड़ था, जो अब बढ़कर करीब 2.60 लाख एकड़ तक पहुंच चुका है।
व्यापारियों के लिए भी राहत
इसी क्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने व्यापारियों को राहत देते हुए बिनोला मशीनों पर लगने वाले एकमुश्त शुल्क को 42,000 रुपये से घटाकर 21,000 रुपये करने की घोषणा भी की थी। सरकार का कहना है कि राज्य के विकास में योगदान देने वाले व्यापारियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।