रोहतक। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा ने कर्नाटक के पारंपरिक व्यंजनों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक की पाक कला अपने अनूठे स्वाद, मसालों के संतुलन और क्षेत्रीय विविधता के कारण देशभर में अपनी अलग पहचान रखती है। आशा हुड्डा शुक्रवार को रोहतक के मॉडल टाउन स्थित चंद्रम्स एम्ब्रोसिया के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं।

यह रेस्तरां विशेष रूप से दक्षिण भारतीय और कर्नाटक के पारंपरिक व्यंजनों के लिए शुरू किया गया है। इसके साथ ही कर्नाटक की समृद्ध पाक परंपरा और वहां के पारंपरिक स्वादों को रोहतक के लोगों तक पहुंचाने की पहल की गई है। उद्घाटन अवसर पर आशा हुड्डा ने कहा कि कर्नाटक अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए तो प्रसिद्ध है ही, वहां की पाक कला भी बेहद समृद्ध है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के शाकाहारी व्यंजन स्वाद के साथ-साथ पौष्टिकता के लिए भी जाने जाते हैं। वहां के भोजन में स्थानीय कृषि उत्पादों और क्षेत्रीय विविधता की स्पष्ट झलक दिखाई देती है। कर्नाटक के पारंपरिक भोजन में नारियल, करी पत्ता, इमली, गुड़ और विभिन्न प्रकार की दालों का विशेष रूप से इस्तेमाल किया जाता है। इन सामग्रियों के संतुलित प्रयोग से यहां के व्यंजनों में अलग तरह का स्वाद और खुशबू देखने को मिलती है।
रेस्तरां की संचालक सीमा नैन ने बताया कि कर्नाटक का भोजन केवल एक तरह के स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों की अपनी विशिष्ट पाक परंपराएं हैं। उन्होंने कहा कि चंद्रम्स एम्ब्रोसिया का उद्देश्य सिर्फ दक्षिण भारतीय भोजन परोसना नहीं, बल्कि रोहतक के लोगों को कर्नाटक की विभिन्न क्षेत्रीय पाक परंपराओं और पारंपरिक स्वादों से परिचित कराना भी है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक के व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली प्रमुख सामग्री वहां की कृषि, संस्कृति और क्षेत्रीय जीवनशैली से गहराई से जुड़ी हुई है। इन्हीं पारंपरिक तत्वों को भोजन के माध्यम से रोहतक तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
