पलवल, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समाधान प्रकोष्ठ की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की। बैठक में प्रदेशभर के सभी जिला उपायुक्तों को समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निपटान को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस अवसर पर पलवल के उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि जिले में नागरिकों की शिकायतों एवं समस्याओं का निवारण सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ किया जाएगा तथा सरकार द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों की कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी।

समाधान शिविर में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निपटान करने के निर्देश
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने जिला सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान सभी जिला अधिकारियों को समाधान शिविर से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों में आमजन से प्राप्त शिकायतों का शीघ्र समाधान प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंडिंग शिकायतों का अग्रता के आधार पर निपटान कर उनकी अद्यतन रिपोर्ट संबंधित पोर्टल पर समय पर अपलोड की जाए।
पारदर्शिता, जवाबदेही और जन संतोष सरकार का मुख्य लक्ष्य
उपायुक्त ने कहा कि सरकार एवं जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंतोष को बढ़ावा देना है। जिन विभागों की शिकायतें लंबित हैं, वे शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से लें तथा निर्धारित समय सीमा में उनका समाधान करें। विभागीय अधिकारी प्रतिदिन पोर्टल की जांच करें और समय पर एक्शन टेकन रिपोर्ट अपलोड करें।
सीएम विंडो और जनसंवाद पोर्टल की शिकायतों पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश
उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने निर्देश दिए कि सीएम विंडो एवं जनसंवाद पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का भी तत्परता से निपटान किया जाए तथा उनकी एटीआर संबंधित पोर्टल पर अपलोड की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि एटीआर अपलोड करते समय सभी तथ्यों की जांच की जाए और शिकायतकर्ता को भी की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए। यदि कोई शिकायत एक से अधिक विभागों से संबंधित हो तो आपसी समन्वय से उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
लंबित एवं पुन: खुली शिकायतों पर विशेष निगरानी
उपायुक्त ने कहा कि समाधान शिविर की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर भी की जाती है। जो शिकायतें पुन: (री-ओपन) होती हैं, उन पर अधिकारी विशेष ध्यान दें। लंबे समय से लंबित शिकायतों के लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। अधिक पुरानी शिकायतों वाले विभाग तत्काल समाधान कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
