दो एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाली मोहना रोड पर भ्रष्टाचार के आरोप, विधायक ने कहा विधानसभा में उठाऊंगा मुद्दा

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली मोहना रोड के चार लेन निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों एवं समाजसेवियों ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग, निर्धारित मानकों की अनदेखी तथा गुणवत्ता में कमी का आरोप लगाते हुए मामले की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने की मांग की है।

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जानकारी के अनुसार, करीब 71 करोड़ रुपये की लागत से मोहना रोड को चार लेन में विकसित करने का कार्य शुरू किया गया था। हालांकि निर्माण कार्य अभी पूरी तरह पूरा भी नहीं हुआ था कि ठेकेदार द्वारा कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ ही समय बाद कई स्थानों पर दरारें पड़ गई हैं और गड्ढे बनने लगे हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस मार्ग से फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्रों से भारी वाहनों का आवागमन होता है। पहले सड़क दो लेन होने के कारण चंदावली, मच्छगर, दयालपुर और अटाली गांवों के आसपास अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी। वर्ष 2020 में तत्कालीन पृथला विधायक नयनपाल रावत द्वारा विधानसभा में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद तत्कालीन उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री दुष्यंत चौटाला ने सड़क को चार लेन बनाने की घोषणा की थी।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन वर्ष 2023 में अटाली गांव के आबादी क्षेत्र के पास कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति में भी शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। गौरतलब है की मोहना रोड दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और कुंडली-गाजियाबाद-पलवल (केजीपी) एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है।

समाजसेवी अजय सैनी ने एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत देकर हरियाणा राज्य सड़क एवं पुल विकास निगम (एचएसआरडीसी) के संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की भूमिका की जांच की मांग की है। शिकायत में सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग, गुणवत्ता मानकों की अनदेखी, पुराने सीमेंटेड स्लैब गायब होने तथा निर्माण सामग्री के नमूने लेकर तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।

साथ ही निर्माण कार्य पर हुए खर्च और ठेकेदार को किए गए भुगतान की भी जांच की मांग उठाई गई है। इस मामले पर पृथला विधायक रघुबीर सिंह तेवतिया ने कहा कि मोहना रोड के निर्माण में भ्रष्टाचार की आशंका है और इसकी विजिलेंस जांच कर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा विधानसभा और दिशा समिति की बैठक में भी उठाया जा चुका है।

उनके अनुसार, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने दिशा समिति की बैठक में विजिलेंस जांच के निर्देश भी दिए थे। विधायक ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगामी विधानसभा सत्र में यह मामला फिर से उठाया जाएगा।

 

 

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Author: Prime Haryana

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