नई दिल्ली, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। शराब घोटाला मामले में अदालत के हालिया आदेश के बाद अरविन्द केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे ऐतिहासिक फैसला बताया गया। केजरीवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायालय ने विस्तृत सुनवाई और प्रस्तुत सबूतों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला कि मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं है। लगभग 600 पृष्ठों के आदेश में अदालत ने गवाहों के बयानों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद कहा कि प्रथम दृष्टया आरोप सिद्ध करने योग्य पर्याप्त आधार नहीं बनता।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने इस फैसले को न्यायपालिका की निष्पक्षता और स्वतंत्रता का उदाहरण बताते हुए न्यायाधीशों और कानूनी टीम का आभार व्यक्त किया गया। मामले की पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित अनेक वकीलों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा गया कि चार वर्षों तक चली कानूनी प्रक्रिया में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतिक्रिया में यह भी कहा गया कि जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों के कारण लंबे समय तक राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर दबाव बना रहा अदालत के आदेश के बाद आरोपों को निराधार बताते हुए इसे सत्य की जीत करार दिया गया। संबंधित नेताओं के बारे में कहा गया कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को न्यायिक प्रक्रिया में पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।
केजरीवाल ने कहा की मामले से जुड़े अन्य प्रक्रियात्मक पहलुओं पर भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे और शेष मामलों में अदालत के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए जाएंगे। यह विश्वास व्यक्त किया गया कि उच्च न्यायालयों में भी तथ्यों के आधार पर समान निष्कर्ष सामने आएंगे। प्रतिक्रिया में राजनीतिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि आरोपों का असर केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों और सार्वजनिक सेवाओं पर भी पड़ा।
अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि भविष्य में सकारात्मक कार्यों और नीतिगत पहल के माध्यम से जनता के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। केजरीवाल ने कहा कि अदालत का फैसला न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास को मजबूत करने वाला है और आगे की कानूनी कार्यवाही नियमों के अनुसार जारी रहेगी।