US-Canada Trade War: दूध, पनीर और शराब की बढ़ेंगी कीमतें, 50% नए टैरिफ से हाहाकार


बीते दिनों ईरान और यूस के युद्ध की वजह से तमाम देशों पर इसका असर देखने को मिला. तो वहीं इन दिनों रूस और यूक्रेन के बीच भी युद्ध चल रहा है. इसी बीच अब यूएस और कनाडा के बीच भी ट्रेड वॉर शुरू हो गई है. इस वॉर का असर अमेरिका की जनता पर काफी ज्यादा पड़ता हुआ नजर आ रहा है. क्योंकि अमेरिका ने कनाडा से आने वाले करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% टैरिफ यानी इम्पोर्ट ड्यूटी लागू कर दी है. इससे अमेरिका में कई चीजों की कीमत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

आम लोगों पर होगा असर
अमेरिका के ड्यूटी बढ़ाने के बाद अगर कंपनियां बढ़े हुए टैरिफ का पूरा खर्च खुद नहीं उठाती हैं, तो वो इसकी भरपाई सामान की कीमत बढ़ाकर कर सकती हैं. ऐसे में अमेरिकी ग्राहकों को कागज से बने सामान, शराब और डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है. अगर कनाडा भी अमेरिका के सामान पर जवाबी टैरिफ लगाता है, तो दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और गहरा हो सकता है. इसका असर कंपनियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं की जेब पर भी पड़ सकता है. 

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इन चीजों के दाम बढ़ेंगे
अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने के बाद कागज और पेपर से बनने वाले सामान, डेयरी प्रोडक्ट्स और शाब की कीमतों में इजाफा हो सकता है. क्योंकि अमेरिका अपने अधिकतर ऐसे प्रोडक्ट्स जो इन सामानों से बनाए जाते हैं, कनाडा से ही खरीदता है. जैसे अमेरिका में शराब और बीयर कनाडा से ही आती है. अमेरिका ने पिछले साल कनाडा से करीब 1.5 अरब डॉलर की शराब खरीदी थी. 

तो वहीं कनाडा से आने वाले दूध, चीज, मक्खन और व्हे जैसे कई डेयरी प्रोडक्ट्स भी टैरिफ के दायरे में हैं. अमेरिका ने पिछले साल कनाडा से करीब 780 मिलियन डॉलर के डेयरी प्रोडक्ट्स खरीदे थे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कनाडा पर अमेरिकी डेयरी उत्पादों की बिक्री में भेदभाव करने का आरोप लगा चुके हैं. दोनों देशों के बीच कार, शराब और डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर लंबे समय से व्यापारिक मतभेद हैं.

महंगाई रोक सकती हैं कंपनियां?
टैरिफ बढ़ने के बाद अमेरिकी कंपनियों के सामने तीन ही ऑप्शन बचते हैं. वो कनाडा से सामान मंगवाना बंद कर सकती हैं, मौजूदा स्टॉक खत्म होने तक इंतजार कर सकती हैं या फिर बढ़े हुए टैरिफ का खर्च खुद उठा सकती हैं. इसके अलावा कंपनियां किसी दूसरे देश से सामान खरीदने का भी ऑप्शन चुन सकती है. लेकिन इससे लागत भी बढ़ सकती है. अब देखना होगा कि ये ट्रेड वॉर कब तक चलती है और इइसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा.

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Author: Prime Haryana

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