रोहतक: शिक्षा सुधार की नई पहल: 15 मिनट का रीडिंग चैलेंज और ‘प्रोजेक्ट विश्वास’ से छात्रों में बढ़ेगा आत्मविश्वास

रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। रोहतक जिला प्रशासन ने सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण पहल शुरू की हैं। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने जिले के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिदिन 15 मिनट का लाइब्रेरी रीडिंग चैलेंज तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ‘प्रोजेक्ट विश्वास’ की शुरुआत की है। इन पहलों का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम बेहतर करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, अभिव्यक्तिशील, नेतृत्व क्षमता से भरपूर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है।

स्थानीय कैंप कार्यालय में स्कूल शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि आज के समय में शिक्षा का अर्थ केवल किताबों तक सीमित नहीं है। बच्चों में पढ़ने की आदत, समझ विकसित करना, स्वतंत्र सोच, प्रभावी संवाद और जीवन कौशल विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य रोहतक के सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षा का मॉडल बनाना है।

प्रतिदिन 15 मिनट का रीडिंग चैलेंज

उपायुक्त ने बताया कि जिले के सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में जीरो पीरियड के बाद प्रतिदिन 15 मिनट का विशेष लाइब्रेरी रीडिंग पीरियड शुरू किया गया है। इस दौरान विद्यार्थी अपठित गद्यांश पढ़ेंगे, उसका अर्थ समझेंगे और उससे जुड़े प्रश्नों के उत्तर देंगे। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में पुस्तकालय जैसा वातावरण तैयार करना, बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाना तथा बुनियादी साक्षरता को मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि नियमित पठन-पाठन से बच्चों की भाषा क्षमता, शब्द भंडार, समझने की योग्यता और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के लक्ष्यों के अनुरूप विद्यार्थियों को मजबूत आधार प्रदान करेगी।

डिजिटल स्किल पासबुक से होगी क्षमता का आकलन

बैठक में बताया गया कि सीआरपी (कौशल समीक्षा कार्यक्रम) के माध्यम से प्रत्येक विद्यार्थी की दक्षताओं का डिजिटल मूल्यांकन किया जा रहा है। इसके आधार पर प्रत्येक छात्र की **डिजिटल स्किल पासबुक** तैयार की गई है, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किस विद्यार्थी को किस क्षेत्र में अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।

समीक्षा के दौरान शिक्षा की गुणवत्ता, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, विद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं, नवाचारों और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की प्रगति का भी विस्तृत आकलन किया गया।

निपुण हरियाणा मिशन के सकारात्मक परिणाम

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने बताया कि **निपुण हरियाणा मिशन** के तहत कक्षा 1 से 3 तक के विद्यार्थियों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। बच्चों की ध्वनि जागरूकता, संज्ञानात्मक क्षमता, अभिव्यक्ति कौशल, अक्षर पहचान, वाक्य पढ़ने की क्षमता, सरल पाठों को प्रवाह के साथ पढ़ने तथा जोड़-घटाव जैसी गणितीय दक्षताओं में अच्छी प्रगति दर्ज की गई है।

‘प्रोजेक्ट विश्वास’ से विकसित होंगे जीवन कौशल

बैठक में जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट विश्वास’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई। यह परियोजना कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को आत्मविश्वासी, जिम्मेदार और जीवन के लिए तैयार नागरिक बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

यह परियोजना वर्तमान में जिले के 43 क्लस्टर रिसोर्स सेंटर से जुड़े सरकारी विद्यालयों में पायलट आधार पर लागू की गई है। तीन महीने तक चलने वाले इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों की कक्षा सहभागिता, संवाद कौशल, सीखने में दृढ़ता, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक समावेशन और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण जैसे छह प्रमुख आयामों पर कार्य किया जाएगा।

मदीना स्थित डाइट इस परियोजना का संचालन कर रहा है। विद्यार्थियों का मूल्यांकन केवल परीक्षा के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षक के अवलोकन, गतिविधियों में सहभागिता, समूह चर्चा, रोल प्ले, प्रस्तुतीकरण और दैनिक व्यवहार के आधार पर भी किया जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार परियोजना शुरू होने के बाद विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने, सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने और समूह गतिविधियों में भागीदारी का आत्मविश्वास बढ़ा है।

जॉयफुल हॉलीडे होमवर्क से बढ़ी रचनात्मकता

ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को गतिविधि आधारित जॉयफुल हॉलीडे होमवर्क दिया गया। इसमें कहानी लेखन, पुस्तक पठन, पारिवारिक सहभागिता, स्थानीय संस्कृति और पर्यावरण आधारित गतिविधियों को शामिल किया गया। उपायुक्त ने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों में रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता बढ़ी है, वहीं अभिभावकों की विद्यालयी गतिविधियों में भागीदारी भी मजबूत हुई है।

सुपर-40 और करियर मार्गदर्शन पर विशेष जोर

बैठक में गणित ओलंपियाड प्रशिक्षण, सुपर-40 आईआईटी-जेईई एवं नीट-2027 कार्यक्रम तथा करियर काउंसलिंग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सुपर-40 कार्यक्रम में 60 से अधिक विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है, जिन्हें विषय विशेषज्ञों द्वारा नियमित कोचिंग, टेस्ट सीरीज, मेंटरिंग और करियर मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

इसके अलावा भारतीय भाषा समर कैंप-2026, कौशल बिजनेस चैलेंज 3.0, पीएम श्री विद्यालयों के समर एडवेंचर कैंप, पर्यावरण संरक्षण अभियान, ‘एक पेड़ मां के नाम’, नशा मुक्ति जागरूकता, स्वच्छ विद्यालय अभियान, योग एवं खेल गतिविधियों सहित विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मिड-डे मील की गुणवत्ता पर रहेगा विशेष ध्यान

उपायुक्त सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीएम पोषण योजना के तहत सभी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाए। साथ ही विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक फील्ड विजिट भी आयोजित की जाएं, ताकि उन्हें व्यवहारिक शिक्षा का अवसर मिल सके।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक, डाइट की प्राचार्या रितु पंघाल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा, समग्र शिक्षा की जिला परियोजना समन्वयक सुमन हुड्डा सहित शिक्षा विभाग और समग्र शिक्षा के कई अधिकारी एवं शिक्षा विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

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