चंडीगढ़, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। हरियाणा कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और एकजुटता का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच दिए गए बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। नए प्रदेश प्रभारी संजय दत्त की मौजूदगी में हुई इस बैठक के दौरान मंच से नेताओं के संबोधनों ने पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया।

बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने संबोधन में रणदीप सिंह सुरजेवाला की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि उनका साथ मिल जाए तो हरियाणा की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव है। इसके जवाब में रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक साथ दिया है और अब समय है कि उन्हें भी सहयोग मिले। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को अपनी कड़वी वास्तविकताओं से मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।
बैठक में नए प्रभारी से अपेक्षा जताई कि वे भी पिछली गलतियों से सीख लेकर संगठन को मजबूत करें। बैठक में कुमारी शैलजा ने भी नेताओं के बीच बढ़ती दूरी का उल्लेख करते हुए संगठन में कथनी और करनी के बीच समानता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके बयान को भी पार्टी के भीतर संतुलन और सभी नेताओं को समान अवसर देने की मांग के रूप में देखा जा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता बजरंग दास ने इन बयानों को सामान्य संगठनात्मक संवाद बताते हुए कहा कि पार्टी की बैठकों में सभी नेताओं को अपने विचार रखने का अधिकार है और इसी प्रक्रिया से संगठन मजबूत होता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है तथा नए प्रदेश प्रभारी लगातार विभिन्न स्तरों पर नेताओं, पदाधिकारियों और संगठनात्मक इकाइयों के साथ बैठकें कर रहे हैं।
वहीं, चर्चा के दौरान भाजपा और इनेलो के प्रवक्ताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बैठक में सामने आए बयान पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर असंतोष का संकेत हैं। उनका कहना था कि यदि संगठनात्मक मतभेद दूर नहीं किए गए तो कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल में विचार-विमर्श और सुझाव देना सामान्य प्रक्रिया है तथा इसे गुटबाजी के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। पार्टी नेताओं का दावा है कि नए प्रदेश प्रभारी के नेतृत्व में संगठन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल इस बैठक के बाद हरियाणा की राजनीति में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या नए प्रदेश प्रभारी संजय दत्त पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर पाएंगे।