हरियाणा में जमीन-मकान की रजिस्ट्री के साथ ही होगा इंतकाल, लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

फरीदाबाद, (सरूप सिंह)। हरियाणा सरकार ने भूमि एवं संपत्ति से जुड़े कार्यों को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब मकान, प्लॉट, दुकान या जमीन की रजिस्ट्री करवाने के बाद इंतकाल (म्यूटेशन) के लिए लोगों को अलग से आवेदन करने या पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री होते ही इंतकाल की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी।

मंगलवार से प्रदेश की सभी तहसीलों में ऑटो म्यूटेशन सिस्टम और पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इस नई व्यवस्था का ऑनलाइन शुभारंभ करेंगे। अब तक रजिस्ट्री के बाद इंतकाल दर्ज कराने के लिए लोगों को पटवार भवनों में जाकर आवेदन करना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ अनावश्यक परेशानियों का सामना भी करना पड़ता था।

नई व्यवस्था के तहत जिन मामलों में किसी अतिरिक्त जांच की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल दर्ज कर स्वीकृत कर दिया जाएगा। वहीं, जिन मामलों में जांच जरूरी होगी, उनका निपटान भी निर्धारित समय सीमा के भीतर किया जाएगा। विरासत, पारिवारिक बंटवारे और न्यायालय के आदेशों के आधार पर होने वाले इंतकाल मामलों को भी समयबद्ध तरीके से निपटाने की व्यवस्था की गई है।

सरकार ने आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देखने और संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां प्राप्त करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। इससे लंबित मामलों की संख्या कम होगी और भूमि अभिलेखों का रिकॉर्ड तेजी से अपडेट हो सकेगा। किसानों और भूमि स्वामियों को भी सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल पाएगा।

पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 के तहत संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को भी पहले से अधिक सरल और डिजिटल बनाया गया है। अब डीटीपीई की एनओसी के लिए दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जमा कराने की जरूरत नहीं होगी। ऑनलाइन सत्यापन की व्यवस्था लागू होने से पूरी प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी। नई प्रणाली में आधार आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य की गई है।

इसके अलावा एक से अधिक अधिकृत व्यक्तियों को जोड़ने, क्यूआर कोड आधारित प्रमाणीकरण, अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने और विभिन्न विभागों के डेटा के एकीकरण जैसी आधुनिक सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। प्रशासन का मानना है कि इन सुधारों से फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक लगेगी, दस्तावेजों की प्रमाणिकता बढ़ेगी और लोगों के समय तथा धन दोनों की बचत होगी। साथ ही संपत्ति पंजीकरण और राजस्व संबंधी सेवाएं अधिक सुगम एवं पारदर्शी बन सकेंगी।

जिला उपायुक्त आयुष सिन्हा ने बताया कि लंबित इंतकाल मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि नई व्यवस्थाओं के लागू होने से राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और जवाबदेही में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा नागरिकों को पहले से बेहतर और त्वरित सेवाएं मिल सकेंगी।

Prime Haryana
Author: Prime Haryana

Information with Confirmation

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top