रोहतक, (प्राइम न्यूज़ ब्यूरो)। भारी बारिश और जलभराव से प्रभावित कलानौर ब्लॉक और गांव जिंदरान के किसानों को अब फसल नुकसान का मुआवजा मिलेगा। किसानों ने अपनी जलमग्न फसलों के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय तक मुआवजा नहीं मिलने पर उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

किसानों की ओर से एडवोकेट जसबीर सिंह बजाड़ और एडवोकेट परमवीर सिंह दून ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा। सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने किसानों के हक में फैसला सुनाते हुए प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और तत्काल गिरदावरी करने के निर्देश दिए। अदालत ने आदेश दिया है कि प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 15 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
साथ ही किसानों के लिए 370 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत की जा चुकी है, जिसे चार सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की सुनवाई के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से अदालत को बताया गया कि अधिकारियों ने सर्वे पूरा कर अपनी रिपोर्ट विभाग को सौंप दी है। इसके अलावा हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को खेतों में भरे पानी की निकासी के लिए दो महीने का समय दिया है। यदि तय समय में पानी नहीं निकाला गया तो किसान दोबारा अदालत में शिकायत दर्ज करा सकेंगे।